
धमतरी. जिले में 1 लाख 10 हजार से अधिक घरेलू गैस सिलेंडर उपभोक्ता हैं। गैस सिलेंडर रिफलिंग कराने पर शासन द्वारा सब्सिडी दी जाती है। कई उपभोक्ताओं के बैंक खाते में पिछले पांच महीने से सब्सिडी की राशि नहीं आई हैं। इसलिए उन्हें बार-बार बैंक और गैस एजेंसियों का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि घरेलू गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। दो साल पहले यहां उपभोक्ताओं की संख्या 50 हजार थी। उज्जवला योजना शुरू होने के बाद इसकी संख्या बढ़कर करीब 1 लाख 10 हजार हो गई है। पहले उपभोक्ताओं को महंगे दर पर सिलेंडर का रिफलिंग कराना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें महंगाई से राहत देते हुए एक साल में 12 सिलेंडर पर सब्सिड़ी दी जाती है। सब्सिड़ी की राशि उपभोक्ताओं के खाते में सीधे ट्रांसफर किया जाना है। शुरू में नियमित रूप से उपभोक्ताओं को सब्सिडी की राशि मिली रही थी। इसलिए उपभोक्ता भी ध्यान नहीं दे रहे थे।
सब्सिडी की राशि जमा नहीं होने से उपभोक्ताओं को हर महीने महंगे दर पर गैस रिफलिंग कराना पड़ा रहा है, जिससे उन्हें भारी परेशानी हो रही है। लेकिन उनकी चिंता गैस एजेंसी संचालकों को नहीं है। वे उन्हें सब्सिडी के बारे में संतोषप्रद जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
गैस सब्सिडी की राशि उपभोक्ताओं के खाते में सीधे जमा हो रही है। उपभोक्ताओं को अपना बैंक खाता चेक कराना चाहिए।
मोहन अग्रवाल, गैस एजेंसी संचालक
गैस सिलेंडर की कीमत 812 रुपए हैं, जिसमें से करीब 312 रुपए सब्सिडी दिया जाना है। यह राशि उनके खाते में पिछले 7 महीने से नहीं आ रही है।
नीलकंठ जगताप, उपभोक्ता
गैस एजेंसी में आधार समेत अन्य दस्तावेज जमा हो गया है। इसके बाद भी गैस सिलेंडर की सब्सिड़ी की राशि खाते में जमा नहीं हो रही है।
लाला जगताप, उपभोक्ता
Published on:
24 Dec 2017 04:23 pm
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