
एक मिनट में ऐसे तैयार होता था 450 नग विमल और राजश्री गुटखा, इन बड़े राज्यों में करते थे सप्लाई, 3 गिरफ्तार
धमतरी. छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पुलिस ने तीन जगह छापा मारकर विमल और राजश्री के नाम से डुप्लीकेट गुटखा बनाने के आरोप में सागर मंधान, प्रहलाद मूलवानी और महेश राठी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि इनके पास से एक मिनट में 450 नग गुटखा बनाने वाली मशीन भी जब्त की गई है। कुल 20 लाख रुपए मूल्य का गुटखा तथा अन्य सामग्री बरामद की गई है। पुलिस ने बताया कि यहां बनने वाले गुटखे को छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश, उड़ीसा, महाराष्ट्र आदि राज्यों में सप्लाई किया जाता था।
उल्लेखनीय है कि धमतरी शहर में लंबे समय से डुप्लीकेट गुटखा बनाने का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा था। टिकरापारा के एक मकान में विमल और राजश्री कंपनी के नाम से डुप्लीकेट गुटखा बनाया जा रहा था। इसकी भनक जब राजश्री गुटखा कंपनी के चीफ विजिलेंस अधिकारी बीपी श्रीवास्तव को लगी, तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की। इसके बाद शनिवार को एएसपी मनीषा ठाकुर की अगुवाई में डीएसपी अरूण जोशी, टीआई गगन वाजपेयी, कोमल नेताम दलबल के साथ छापामार कार्रवाई की। सबसे पहले टिकरापारा स्थित एक चार मंजिला मकान में दबिश दी गई। यहां महज एक मिनट में 450 नग गुटखा पाउच बनाने वाली मशीन को जब्त किया गया। इसकी कीमत 3 लाख रुपए है। यहां बड़ी तादाद में विमल और राजश्री के नाम से बना गुटखा बरामद किया गया है।
टीम ने सिहावा चौक स्थित पान मसाला दुकान और ग्राम शकरवारा के कारखाना से भी बड़ी मात्रा में गुटखा बरामद किया। यहां भी मशीन को जब्त किया गया। पुलिस ने नकली गुटखा बनाने के आरोप में सागर मंधान (24) पिता मोहन दास निवासी हाउसिंग बोर्ड के खिलाफ धारा 420,272 एवं कापीराइट एक्ट 1957 के तहत जुर्म दर्ज किया है। इसके अलावा प्रहलाद मूलवानी (43) पिता हजरत मूलवानी और महेश राठी (30) पिता पूर्णाराम नागौर राजस्थान को भी गिरफ्तार किया है। देर शाम सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद उन्हेंं जेल भेज दिया गया।
सबसे मजेदार बात यह है कि जिस जगह यह नकली गुटखा बनता था, वहां प्रचारित किया गया कि लड्डू, साबुन और अगरबत्ती का निर्माण किया जाता है। और तो और यहां जो कर्मचारी काम करते थे, वे भी बाहर से रखे जाते थे। अवैध कारोबार का भांडा न फूट जाए, इसलिए बस्ती के किसी भी व्यक्ति को काम में नहीं रखा गया।
पुलिस ने नकली गुटखा बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के पहले योजना बनाई। इसके तहत राजश्री कंपनी के अधिकारी श्रीवास्तव खुद ग्राहक बनकर मोहन दास से चर्चा की और दोनों के बीच 250 पैकेट राजश्री गुटखा लेने का सौदा तय हुआ। इसके बाद यह छापामार कार्रवाई की गई।
पुलिस ने बताया कि राजश्री और विमल के नाम से बनाए जाने वाला गुटखा छग के अलावा मध्यप्रदेश, उड़ीसा और महाराष्ट्र में भी सप्लाई किया जाता था। कमीशन ज्यादा होने के कारण जल्द ही मार्केट में उन्होंने अपनी अच्छी पकड़ बना लिया था। उधर, पुलिस को संदेह है कि अवैध गुटखा के कारोबार में कुछ और लोग भी जुड़े हुए हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास राजबाग के नाम से गुटखा बनाने का लाइसेंस हैं। उसने राजबाग के बजाए विमल और राजश्री गुटखा का हुबहू रैपर प्रिंट कराकर डुप्लीकेट गुटखा बनाना शुरू कर दिया। इसमें चिकनी सुपारी, चावल की कनकी और केमिकल बोरिक पावडर का इस्तेमाल किया जाता था। विशेषज्ञों का कहना है कि यह नकली गुटखा काफी निम्न क्वालिटी का है। यदि इसे लगातार चार-पांच महीने तक सेवन किया जाए तो कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
Updated on:
20 Oct 2019 10:05 am
Published on:
20 Oct 2019 09:40 am

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