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मां के दिल को अब पड़ी ठंडक जब 4 साल की बेटी से दरिंदगी करने वालों को मिली ये सजा

मां ने उस वक्त राहत की सांस ली जब फास्ट ट्रैक कोर्ट ने हवस के भेडि़यों को चार साल की मासूम से रेप करने के आरोप में उम्र कैद की सजा सुनाई।

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धमतरी

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Ashish Gupta

Aug 12, 2017

Misdeed with minor

धमतरी. छत्तीसगढ़ के धमतरी इलाके में 4 साल की मासूम से हवस के भूख मिटाने वाले चार दरिंदों को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने चारों दरिंदों पर 5 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने कहा, अर्थदंड अदा न करने पर सभी आरोपियों को 6 माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

दरअसल यह घटना धमतरी जिले के मगरलोड ब्लाक के ग्राम करेली बड़ी इलाके की है, जहां 25 नवंबर 2016 को दोपहर करीब 2 बजे मासूम अपनी मां के पास खेत जा रही थी, तभी हसदा मोड़ नहर के पास खड़ा 24 वर्षीय अरविंद पॉल ने सूनसान रास्ते से मासूम को अकेले जाते देखा तो उसकी नीयत बिगड़ गई।

अरविंद ने मासूम का उसका रास्ता रोक लिया और जबर्दस्ती उसे मोटर साइकिल में बैठाकर नया तालाब नर्सरी किनारे मुक्तिधाम ले गया। वहां पहले से ही अरविंद के साथी गीतू साहू उर्फ जीतू (26) पिता खुमान साहू, राजेंद्र कुमार साहू (24) पिता किशन साहू व हिरेंद्र साहू (22) पिता मनाराम साहू मौजूद थे।

मुक्तिधाम में हवस के भूखे चारों भेडि़यों ने दरिंदगी की हद पार करते हुए 4 साल की मासूम बच्ची से बारी-बारी रेप कर अपने जिस्म की प्यास बुझाई। किसी तरह मासूम उनके चंगुल से छुटकर रोते-बिखलते घर पहुंची। चार साल की बेटी के बदन और हालत को देखकर मां के होश उड़ गए। बच्ची दर्द से कराह रही थी।

मां ने मासूम से पूछताछ की तो उसने घटना के बारे में बताया। इसके बाद परिजनों ने सीधे करेली बड़ी थाना पहुंचकर इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला दर्ज होते ही पुलिस तत्काल हरकत में आई और दबिश देकर चारों युवकों को गिरफ्तार कर लिया।

मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने केस डायरी न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां इसकी अंतिम सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में विशेष न्यायाधीश छमेश्वर लाल पटेल ने सारे सबूतों को देखने और गवाहों को सुनने के बाद अभियुक्तों पर दोष सिद्ध पाया।

सजा एक नजर में
न्यायाधीश धारा 341 के तहत चारों को एक-एक माह सश्रम कारावास, धारा 363 में 3 वर्ष कारावास एवं एक-एक हजार रुपए जुर्माना से दंडित किया। अर्थदंड नहीं देने पर 3 माह अतिरिक्त सजा तथा धारा 376-ख एवं धारा 6 में 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। 5 हजार रुपए अर्थदंड से भी दंडित किया। इसे अदा न करने पर सभी को 6 माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।