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DEO ने एक साथ 12 स्कूलों के प्राचार्यों को थमाया नोटिस, कलेक्टर ने ली क्लास, जानें वजह

Dhamtari News: शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान लापरवाही सामने आने पर प्रशासन सख्त हो गया है। कलेक्टर की नाराजगी के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने एक साथ 12 स्कूलों के प्राचार्यों को नोटिस जारी किया है।
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धमतरी

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Khyati Parihar

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Updated: 30 May 2026, 6:20 PM IST

Notice Issued

नोटिस (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Chhattisgarh News: धमतरी जिले में शिक्षा स्तर सुधारने के लिए चलाए जा रहे मिशन अव्वल की इस साल भी हवा निकल गई। हाल ही में घोषित 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के निराशाजनक नतीजों ने शिक्षक-प्राचार्य सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों की पोल खोल दी है। जिले के 10 स्कूलों का परिणाम 50 प्र्रतिशत से भी नीचे रहा। अतिरिक्त शिक्षक वाले स्कूलों में भी कुल दर्ज संख्या के आधे बच्चे फेल हो गए।

जिले में गिरते शिक्षा के स्तर को देखते हुए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने शिक्षा विभाग की बैठक ली। डीईओ द्वारा हर महीने स्कूलों में टेस्ट लेने की जानकारी दी गई। यह सुन कलेक्टर ने कहा कि हर महीने टेस्ट होने के बावजूद रिजल्ट इतना कमजोर क्यों रहा? उन्होंने अधिकारियों और प्राचार्यों को जमकर फटकार लगाई। कलेक्टर ने साफ कहा कि बच्चों की पढ़ाई में लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कमजोर प्रदर्शन वाले स्कूलों के प्राचार्यों की जवाबदेही तय करते हुए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

निर्देश पर डीईओ ने बारना, दोनर, सोनझरी, सोरम, सेजेस कुरूद, देवपुर नगरी, बिरझुली और मोहरेंगा समेत 12 स्कूलों के प्राचार्यों को नोटिस जारी किया गया है। इन स्कूलों का बोर्ड परीक्षा परिणाम 50 प्रतिशत से कम आया है। इधर नोटिस जारी होने के बाद शिक्षा विभाग में हडक़ंप मच गया है।

कमजोर मॉनिटरिंग और कोचिंग के सीमित दिन भी बड़ा कारण

पिछले कुछ वर्षों से जिला शिक्षा विभाग की मॉनिटरिंग कमजोर हो गई है। निरीक्षण के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। पूर्व डीईओ राकेश पांडे, रजनी नेल्सन के कार्यकाल में स्कूलों में अधिकारी औचक निरीक्षण में जाते थे। शिक्षा गुणवत्ता के साथ ही छात्रों से भी चर्चा कर जानकारी लेते थे। स्कूल में अनुपस्थित या लेट पहुंचने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई भी होती थी।

पिछले 2-3 वर्षों से यह नहीं हो रहा। मॉनिटरिंग के अभाव में मनमानी भी बढ़ी है। इसी तरह शिक्षा विभाग द्वारा स्पेशल कोचिंग के नाम पर सीमित दिनों के लिए ही कोचिंग क्लास लगाई जा रही है। 2024 में सिर्फ 19 दिन और 2025 में सिर्फ 21 दिन ही कोचिंग क्लास लगाई गई। समय पर कोर्स पूरा नहीं हो पाने को इसका कारण बताया गया। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा अब शिक्षा गुणवत्ता को लेकर खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इससे विभाग व स्कूल प्रबंधन में हडक़ंप मचा हुआ है।

अब वीडियो कंटेंट से होगी पढ़ाई, बच्चों की बनेगी चार श्रेणी

जिला शिक्षा अधिकारी अभय कुमार जायसवाल ने बताया कि बेहतर परीक्षा परिणाम देने वाले जिलों के मॉडल का अध्ययन किया गया है। अब कमजोर, मध्यम और मेधावी विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग प्रश्न बैंक तैयार किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 9वीं और 11वीं के बेहतर विद्यार्थियों को चिन्हित कर बोर्ड मेरिट में लाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए यूट्यूब आधारित वीडियो कंटेंट से विषयवार पढ़ाई कराई जाएगी।

हिन्दी, अंग्रेजी, केमिस्ट्री, फिजिक्स समेत प्रमुख विषयों के विशेषज्ञों द्वारा 450 से अधिक वीडियो क्लिप तैयार किए गए हैं। छात्रों को चार श्रेणियों में बांटकर विशेष रणनीति के तहत बोर्ड परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी। ब्लू प्रिंट आधारित पढ़ाई पर भी विशेष फोकस रहेगा।