
Dhamtari Suicide News: कम दहेज लाने की बात को लेकर पारधी महिला को प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने वाले पति समेत सास-ससुर, ननंद समेत 6 लोगों को अपर सत्र न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक हजार रुपए अर्थदंड से भी दंडित किया।
न्यायालयीन सूत्रों के अनुसार यह मामला कुरूद थाना के ग्राम चर्रा का है। सरकारी वकील गजानंद मीनपाल ने बताया कि ग्राम चर्रा पारधी पारा निवासी रत्नी बाई का ब्याह गांव के ही मनोज पारधी के साथ हुआ था। ससुराल आने के बाद रत्नी बाई दहेज प्रताड़ना की शिकार हो गई। बात-बात में पति समेत ससुरा वाले उन्हें दहेज डोर नहीं लाने की बात कहकर ताना मारकर प्रताड़ित करते थे। शादी का कर्ज छुटने के लिए मायके से 10 हजार रुपए लाने की बात कहकर विवाद करते थे। ससुराल में बार-बार कम दहेज लाने की बात को लेकर प्रताड़ना से तंग आकर नवविवाहिता रत्नी बाई ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना की तो, इसमें दहेज प्रताड़ना की बात सामने आई। इस पर पुलिस ने पति मनोज पारधी (20) पिता शत्रुघन पारधी, ससुर शत्रुघन पारधी (60) पिता स्व. जीवलाल पारधी, सास उमा बाई पारधी (50) पति शत्रुघन पारधी, ननंद ललिता उर्फ घसनीन पारधी (30) पिता शत्रुघन पारधी, सविता पारधी (26) पति विक्रम पारधी, सावित्री पारधी (22) पति सुरेश पारधी निवासी पारधी पारा चर्रा के खिलाफ दहेज मृत्यृ की धारा 304-बी/34,302/34 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने केस डायरी न्यायालय में पेश किया, जहां मामले की अंतिम सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) ने की।
न्यायाधीश उषा गेंदले ने मामले में सारे सबूतों को देखने और गवाहों को सुनने के बाद अभियुक्तगणों को दोषसिद्ध करार दिया। इसके बाद न्यायालय ने पति मनोज पारधी, ससुर शत्रुघन पारधी, सास उमा बाई पारधी, ननंद ललिता उर्फ घसनीन पारधी, सविता पारधी, सावित्री पारधी को धारा 304-बी, 34 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही एक-एक हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर 6-6 माह अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतनी पडे़गी।
Updated on:
02 May 2024 08:25 am
Published on:
01 May 2024 05:59 pm
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