
नर्सो को हड़ताल से वापस लौटने सरकार ने जारी किया नोटिस, नही माने तो होगी कार्रवाई
नर्सों के हड़ताल में चले जाने से ई-हास्पिटल में मरीजों की ठीक ढंग से देखभाल नहीं हो पा रही है। उन्हें इंजेक्शन लग रहा और न ही समय पर ग्लूकोस का बॉटल चढ़ पा रहा है। ऐसे में परेशान होकर मरीज निजी हास्पिटल में रिफर हो रहे हैं। उधर स्वास्थ्य विभाग ने जिले की हड़ताली नर्सों को काम पर वापस लौटने के लिए नोटिस जारी किया है।
धमतरी. उल्लेखनीय है कि 46 सौ रूपए ग्रेड-पे समेत अपनी छह सूत्रीय मांगोंं को लेकर प्रदेशभर की नर्स छत्तीसगढ़ परिचारिका कर्मचारी कल्याण संघ के बैनर तले अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली गई है। धमतरी जिले से भी करीब 72 नर्स आंदोलनरत है। ऐेसे मेंं ई-हास्पिटल समेत पीएचसी और सीएचसी सेंटरों का बुरा हाल है। शनिवार को पत्रिका ने ई-हास्पिटल का जायजा लिया। देखा गया कि यहां नर्सिंग स्टाफ की कमी के चलते मरीजों की सही ढंग से देखभाल नहीं हो रही है।
मरीज के परिजन कोमल सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने रिश्तेदार को इलाज के लिए यहां भर्ती कराया है, लेकिन इंजेक्शन लग रहा है और न ही ग्लूकोस का बॉटल चढ़ाया जा रहा है। लगातार शिकायत करने पर केवल दवाई का डोज ही दिया जा रहा है। ऐसे में मरीजों की हालत खस्ता हो गई है। यही हाल फिमेल वार्ड में देखने को मिला। महिला रेवती बाई ने कहा कि यहां पहले ही डाक्टरों की कमी बनी हुई है।
ऐसे मेंं नर्सों के हड़ताल में चले जाने से मरीजों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। शायद यही कारण है कि अधिकांश मरीज छुट्टी लेकर इलाज के लिए निजी हास्पिटल मेंं भर्ती हो रहे हैं। सूत्रों की मानेंं तो स्वास्थ्य विभाग ने जिले की हड़ताली नर्सों को नोटिस जारी कर जल्द ही काम पर वापस लौटने के लिए कहा है। वापस नहीं लौटने पर उन अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ डीके तुर्रे ने कहा कि ई-हास्पिटल समेत पीएच और सीएचसी सेंटरों मेंं पर्याप्त नर्सोंं है, जो मरीजोंं की सेवा में लगी हुई है। अब तक कही से भी शिकायत नहीं मिली है। हड़ताली नर्सों को नोटिस जारी कर काम वापस लौटने कहा गया है।
एक जानकारी के अनुसार पीएचसी, सीएचसी समेत ई-हास्पिटल को मिलाकर करीब 118 नर्सों का स्टाप है, जिसमें से 72 नर्स हड़ताल में है। जबकि ई-हास्पिटल में 54 स्टाफ नर्स के पद स्वीकृत है, जिसमें से 36 नर्स हड़ताल पर है। ऐसे मेंं मरीजोंं की देखरेख के लिए 18 रेग्यूलर और 23 प्रशिक्षु नर्सोंं की सेवा ली जा रही है।
उधर नोटिस जारी होते ही नर्सोंं में रोष फैल गया है। उनका आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के उच्च पदों पर आसीन अफसर पिछले तीन सालों से महज आश्वासन का झुनझुना पकड़ा रही है। ऐसे मेंं वे अब किसी की धमकी से डरने वाली नहीं है। जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता। हड़ताल समाप्त नहीं होगा।
Updated on:
01 Jun 2018 01:50 pm
Published on:
27 May 2018 02:29 pm
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