
खेत से काम कर घर लौट रहे थे पति-पत्नी, रास्ते में सामना हुआ मौत से
धमतरी. छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले अंचल में पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बारिश से वनांचल के नगरी और सिहावा क्षेत्र में नदी-नाले उफान पर हैं। बालका और सीतानदी में पानी 4 फीट से ऊपर बह रहा है। इससे नगरी से बोराई मार्ग बंद हो गया है। एक घटना में नाला पार कर रहे एक किसान दंपत्ति की डूबने से मौत हो गई।
रविवार को अलसुबह से ही नगरी-सिहावा वनांचल में झमाझम बारिश हो रही है, जिसका पानी तेजी से नदी-नालों में उतर रहा है। बालका नदी और सीतानदी भी उफान पर आ गई है, जिसके चलते आवागमन भी प्रभावित हो गया है। पुलिस के अनुसार ग्राम आमाबाहारा निवासी किसान रामनाथ गोंड़ (45) अपनी पत्नी सुगंतीन बाई (40) के साथ खेत में काम करने गया था। रात 8 बजे जब जंगली नाला का पानी जब कुछ कम हुआ, तो वे इसे पार करने लगे, तभी पानी के तेज बहाव में बह गए।
सोमवार को सुबह रामनाथ गोंड़ की लाश गांव से काफी दूर झाडिय़ों में फंसी मिली। जबकि उसकी पत्नी सुगंतीन बाई की लाश देर शाम 5 बजे मिली। उधर पिछले तीन दिन से रूक-रूककर हो रही बारिश से जन-जीवन पर काफी असर पड़ा है। सोमवार को जिले में 67 मिमी बारिश हुई।
धमतरी तहसील में 13.8 मिमी, कुरूद तहसील में 22.4 मिमी, मगरलोड तहसील में 8.4 मिमी और नगरी तहसील में 23.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा बारिश गंगरेल बांध, सोंढूर बांध, मुरूमसिल्ली बांध और दुधावा बांध के कैचमेंट एरिया में हो रही है। लगातार बारिश होने से इन बांधों में पानी की आवक काफी बढ़ गई है। सोंढूर बांध की क्षमता 6.995 टीएमसी का है। यहां वर्तमान में 6.768 टीएमसी पानी भर गया है। इसलिए इस बांध से अब ढाई हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि बारिश से नगरी-बोराई मार्ग दिनभर बंद रहा। रविवार की शाम आठदाहरा पुल में 3 फीट ऊपर पानी चल रहा था, जिसके चलते आवागमन पर ब्रेक लग गया था। इसी दौरान ग्राम बोराई निवासी सुनील मरकाम (25) पुल को पार करने की कोशिश कर रहा था, तभी उसका पैर फिसल गया और वह नदी में बह गया। 3 किमी दूर जाने के बाद किसी तरह वह अपनी जान बचाकर बाहर निकला।
Updated on:
14 Aug 2018 12:53 pm
Published on:
14 Aug 2018 12:51 pm
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