
महतारी वंदन योजना (photo-patrika)
Mahtari Vandan Yojana: महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं के लिए 30 जून तक ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। महिला एवं बाल विकास विभाग से मिली जानकारी के अनुसार निर्धारित समय सीमा तक प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर हितग्राही की आईडी निष्क्रिय हो सकती है और योजना की आगामी किस्त प्रभावित हो सकती है। इसे देखते हुए धमतरी जिले में सत्यापन अभियान अंतिम चरण में है।
जिले में 5 मार्च 2024 से योजना शुरू हुई। इस योजना के तहत 2,37,184 हितग्राहियों का ई-केवाईसी किया जाना है। 17 जून तक 2,27,031 महिलाओं का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि 10,153 हितग्राहियों का ई-केवाईसी अभी शेष है। वहीं ३,839 हितग्राहियों की मृत्यु हो चुकी है, जिनका नाम हटाया जा चुका है।
सत्यापन अभियान में सबसे बड़ी चुनौती बुजुर्ग महिलाओं के बायोमेट्रिक सत्यापन को लेकर सामने आ रही है। उम्र बढऩे के कारण कई महिलाओं के फिंगरप्रिंट मशीन में मैच नहीं हो रहे हैं, जिससे उनका ई-केवाईसी पूरा नहीं हो पा रहा है। बुजुर्ग बिसाहिन बाई, रेवती नेताम, कौशिल्या निर्मलकर ने बताया कि फ्रिंटर, आयरिस से भी ई-केवायसी अपडेट नहीं हो रहा है। इससे उन्हें च्वाइस सेंटरों का चक्कर काट रहे हैं। बताया गया है जिले में ऐसे सैकड़ों बुजुर्ग हैं, जिन्हें इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
जगरानी एक्का, महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी के मुताबिक, जिन बुजुर्ग महिलाओं का बायोमेट्रिक सत्यापन तकनीकी कारणों से नहीं हो पा रहा है, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। आवश्यकता पडऩे पर घर-घर जाकर भी ई-केवाईसी कराने का प्रयास किया जाएगा। इस संबंध में शासन को आवश्यक मार्गदर्शन के लिए पत्र भी भेजा गया है।
धमतरी में महतारी वंदन योजना के तहत हजारों महिलाओं का ई-केवाईसी अब भी लंबित है, जिससे तय समय सीमा के बाद उनकी किस्त रुकने की आशंका है। खासकर बुजुर्ग महिलाओं के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है, क्योंकि फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन कई मामलों में मैच नहीं हो पा रहे हैं। विभाग द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था पर काम किया जा रहा है, लेकिन समय रहते प्रक्रिया पूरी न होने पर बड़ी संख्या में हितग्राही योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं।
Updated on:
19 Jun 2026 12:41 pm
Published on:
19 Jun 2026 12:41 pm
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