
शहीद मनीष नेताम
Martyr Manish Netam: देश के लेह लद्दाख सीमा पर ड्यूटी कर रहे ग्राम खरेंगा निवासी सेना के जवान मनीष नेताम बलिदान हो गए। तीन दिन बाद उनका शव धमतरी लाया गया। वहीं घर आने के बाद शनिवार को गांव में राजकीय सम्मान के साथ दोपहर में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। वह मराठा रेजिमेंट में पदस्थ होकर ड्यूटी कर रहा था।
धमतरी जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम पंचायत खरेंगा है। यहां के मनीष नेताम (Martyr Manish Netam) पुत्र राजेन्द्र नेताम 24 वर्ष पिछले तीन सालों से सेना में भर्ती होकर देश सेवा कर रहे हैं। वर्तमान में वह देश के लेह-लद्दाख सीमा पर ड्यूटी कर रहे थे। 28 दिसंबर की सुबह लेह-लद्दाख में ड्यूटी के दौरान उन्हें अचानक सांस में तकलीफ हुआ। अन्य जवानों ने उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
गांव में शोक की लहर
जवान मनीष नेताम(Martyr Manish Netam) के बलिदान होने की जानकारी सेना के माध्यम से घर में दी गई। इस खबर के मिलते ही गांव में शोक की लहर छा गई है। गांव के सुभाष साहू और हिरेन्द्र साहू ने बताया कि बलिदान का शव 31 दिसंबर को गांव में पहुंचा। राजकीय सम्मान के साथअंतिम संस्कार किया जाएगा।
बचपन से ही मेधावी छात्र
शहीद मनीष नेताम(Martyr Manish Netam) इकलौता बेटा था। उनके पिता राजेन्द्र नेताम मजदूर है और मां आंगनबाड़ी में सहायिका है। उनके एक बहन खिलेश्वरी है, जिनकी शादी हो चुकी है। उनके पति भी सेना में है, जो देश सेवा कर रहे हैं। मनीष नेताम की पढ़ाई-लिखाई गांव के स्कूल में हुई है। वह बचपन से ही मेधावी रहा है और गरीबी के बीच कठिन मेहनत करके सेना ज्वाइन किया था।
Published on:
31 Dec 2022 11:43 am
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