
40 अस्थियों को 20 साल बाद मिला मोक्ष, इस वजह से करना पड़ा लंबा इंतजार
धमतरी। CG News: बद्रीनाथ स्थित ब्रम्हकपाली घाट में भी पिंडदान करेंगे। उन्होंने कहा कि इस पुनीत कार्य में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वालो का मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। शुक्रवार को सुबह 11 बजे चित्रोत्पला गंगा नदी स्थित रुद्रेश्वर घाट में सभी अस्थियों पर 395 बार नदी का जल अर्पित किया गया। पंडित राजेन्द्र कृष्ण चौबे ने कहा कि नियमत: अस्थि को 365 बार पानी देना था, लेकिन अधिक मास के कारण 30 पानी अधिक दिया गया।
घाट में पानी देने के बाद अस्थि पूजा की गई। बरगद वृक्ष के नीचे सभी अस्थियों को रख मौजूद लोगों द्वारा दूध, दही, शहद से स्नान कराया गया। स्नान पूजन के बाद पंचमेवा भोग लगाया गया। पश्चात अस्थियों को नदी में विसर्जित किया गया। अस्थि विसर्जन कार्यक्रम में अर्जुनपुरी गोस्वामी, सियाराम साहू, माधव राव पवार, डॉ हीरा महावर, विशाल गौरी, संतोष सार्वा, श्यामा साहू, गोपी साहू, योगेश बाबर, सूर्याराव पवार, मुकुंद राव, मल्हार राव, अजय चौबे, राजा श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।
महासचिव अशोक पवार ने कहा कि भिलाई से लाए सभी अस्थियों का विधि विधान से विसर्जन किया गया। पूजा से लेकर अस्थि विसर्जन तक सभी कार्यो की वीडियोग्राफी कराई गई। इसकी वीडियो नगर निगम भिलाई को भी भेजा जाएगा।
परिजनों को पड़ेगा दोष
अस्थि विसर्जन में पहुँचे श्री राजमानस संघ के प्रमुख अर्जुनपुरी गोस्वामी, सियाराम साहू, श्यामा साहू ने कहा कि पहली बार ऐसा सुनने मिल रहा कि खुद के परिजन ही मुक्तिधाम से अपनों की अस्थि नहीं ले गए। इसका दोष तो उन पर पड़ेगा ही, साथ ही मानवता भी तार-तार हो गई। धन्य है स्वर्गधाम सेवा समिति जो अनजान मृतकों के परिजन बन मृतात्माओं को मोक्ष दिला रहे।
इससे बड़ा पुण्य का काम कोई नहीं
गौरतलब है कि वर्ष-2004 से अनजान मृतकों का अंतिम संस्कार कर रहे। इन 20 सालों में कोई भी लाश लावारिश नहीं हुआ। अनजान मृतकों का स्वर्गधाम ही वारिश बनकर उनका अंतिम संस्कार और तर्पण करता हैं। अब तक 589 लाशों का हमारी संस्था अंतिम संस्कार कर चुकी हैं। इस पुनीत कार्य में पूरे धमतरीवासियों का सहयोग रहता है। समिति का मानना है कि दुनिया में इससे पुण्य का काम और कोई नहीं।
Published on:
21 Oct 2023 04:12 pm
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