
धमतरी. छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में 200 से अधिक गायों की मौत का मामला सामने आया है। श्री वेदमाता गौशाला राजाडेरा की करीब दो सौ गाय भूख और प्यास से मर गई। संचालक ने इसे जंगल में फेंकवा दिया था। इसका पता ग्रामीणों को तब लगा, जब मृत गायों की दुर्गंध चारों ओर फैलने लगी। तत्काल इसकी सूचना विहिप तथा बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को दी गई। मौके में जब वे पहुंचे, तो वहां गायों की लाशें बिखरी हुई थी। कलक्टर ने जांच के लिए एक टीम भेजी। मौके का मुआयना किया गया। संचालक मनहरण लाल साहू (46) को गिरफ्तार कर गौशाला को सील कर दिया गया है।
यह घटना धमतरी जिले के मगरलोड ब्लाक के ग्राम राजाडेरा की है। पुलिस ने बताया कि आज से करीब तीन महीना पहले राजिम तहसील के ग्राम कोपरा निवासी मनहरण लाल साहू ने एक आदिवासी की जमीन खरीद कर करीब दो एकड़ में गौवंश संवर्धन के नाम पर जंगल के बीच गौशाला बनाया था। बेहतर ढंग से गौसेवा का सब्जबाग दिखाने से ग्रामीणों ने अपनी गायों को गौशाला भेज दिया। इस एवज में उनसे 6 सौ से 7 सौ रुपए वसूला गया। इस तरह करीब 600 गाय गौशाला में एकत्रित हो गई। उचित देखरेख के अभाव में गाय पिछले दस दिनों से एक-एक कर मरने लगी थी। संचालक मनहरण लाल साहू अपने कर्मचारियों के माध्यम से उसे जंगल में फेंकवाने लगा। ग्रामीणों के अनुसार करीब मौके पर दो सौ गायों की लाशें मिली है। शेष अन्य गाय कहां गई, उसका कोई पता नहीं चला।
सबसे पहले इस घटना की जानकारी ग्रामीणों ने विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों को दी। हरखराम निर्मलकर, जयप्रकाश, मोनू चन्द्राकर, डोमेश साहू, डा. परमेश्वर साहू मौके मुआयने पर जब पहुंचे, तो गायों की लाश देखकर वे सकते में आ गए। तत्काल कलक्टर डा. सीआर प्रसन्ना और पुलिस प्रशासन को इसकी खबर की गई।
कलक्टर ने एसडीएम कुरूद प्रेम पटेल, एसडीओपी केएस ठाकुर, तहसीलदार हीरा, मगरलोड टीआई नारायण ओटी, सीईओ आरके ध्रुव और पशु संचालक एमएस बघेल को जांच के लिए भेजा। उन्होंने जंगल में इधर-उधर पड़ी गायों की लाशों को इक_ा किया। कुछ गायों का देर रात तक पोस्टमार्टम भी किया गया। पशु चिकित्सा विभाग के सूत्रों के अनुसार गायों की मौत भूख और प्यास के कारण हुई है।
संचालक गिरफ्तार
कलक्टर के आदेश पर तत्काल गौशाला संचालक मनहरण लाल साहू को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 329 (11) क-ज-झ के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि यह गौशाला वह गौवंश की सेवा के उद्देश्य से शुरू किया था। उल्लेखनीय है कि गौशाला का अभी तक कोई पंजीयन नहीं हुआ है। यह ग्रामीणों के सहयोग से ही संचालित हो रहा था।
कांग्रेस ने बनाई टीम
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आनंद पवार ने बताया कि गौशाला में गायों की मौत के मामले को उनकी पार्टी ने बड़ी गंभीरता से लिया है। इस पूरे मामले की जांच करने के लिए एक टीम बनाई गई है, जो जल्द ही मौके का मुआयना कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। उनका आरोप था कि गौवंश के नाम पर शासन से मिलने वाले लाखों रुपए के अनुदान को हड़पने के उद्देश्य से ही यह गौशाला संचालित किया जा रहा था।
कलेकटर डा. सीआर प्रसन्ना ने कहा कि गाय की मौत के मामले की जांच की जा रही है। मौके पर करीब 30 गायों की लाश मिली है। संचालक को गिरफ्तार कर गौशाला को सील कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे और कार्रवाई की जाएगी। शेष अन्य बची गायों को दूसरे गौशाला में शिफ्ट किया जा रहा है।
Updated on:
25 Dec 2017 10:25 am
Published on:
24 Dec 2017 06:10 pm
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