
Dhamtari News: संगीत जगत के दिग्गज और पद्मश्री विजेता पंकज उधास ने 26 फरवरी को आखिरी सांस ली। उनके निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। (Bollywood Singer) पंकज उधास ने गजल के अर्द्ध-शास्त्रीय रूप में आने से पहले बालीवुड में एक प्लेबैक सिंगर के रूप में अपना कैरियर शुरू किया था।
प्रख्यात गजल गायक पंकज उधास की यादें धमतरी से भी जुड़ी रही। (Singer Pankaj Udhas) 37 साल पहले वे धमतरी के विमल टाकिज में गीत-गजलों की प्रस्तुति देने पहुंचे थे। (Mumbai) उन्हें सुनने बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी पहुंचे थे। (Bollywood star) जैसे ही उन्होंने चिट्टी आई है आई है..गीत शुरू किया तो ऑडियंस से कुछ लोगों ने जमकर सीटी बजा दी। (Melodious Voice) इससे पंकज उधास नाराज हो गए और बीच में ही कार्यक्रम रोक दिए। (Old Mumbai) तब टाकिज के मालिक शांतिलाल, स्व. केसरीलाल लुंकड़ और आयोजकों ने दर्शकों की ओर से खेद जताते हुए फिर से उन्हें कार्यक्रम शुरू करने का आग्रह किया।
इसके बाद पंकज उधास ने फिर से चिट़्टी आई है गाने पर प्रस्तुति दी। इसके अलावा उन्होंने सोने जैसा रंग है तेरा चांदी जैसे बाल सहित अन्य फेमस गाने गाए। जब वे धमतरी आए तो संगीत की शुरूआत करे उन्हें महज 5 साल ही हुए थे और उनकी उम्र 37 साल थी।
उधास की उपलब्धि और उनकी शुरूआत
17 मई 1951 को जेतपुर गुजरात में जन्म हुआ
1980 में कैरियर की शुरूआत हुई
1985 में केएल सहगल पुरस्कार मिला
1986 में चिट्टी आई है..गाने से प्रसिद्धि मिली
1994 में रेडिया लोट्स अवार्ड
1996 में इंदिरा गांधी प्रियदर्शिनी पुरस्कार
1998 में अमेरिकन एकेडमी ऑफ आर्टिस्ट्स की ओर से सम्मान मिला
2003 में दादा भाई नौरोजी मिलेनियम पुरस्कार
2003 में बालीवुड म्यूजिक अवार्ड
2006 में पद्मश्री पुरस्कार मिला
उधास के बारे में ये भी जानिए...
अपने कैरियर मेें उन्होंने 60 से अधिक सोलो एलबम जारी किया। 1979 में पंकज उधास ने फिल्म हम तुम और वो, के लिए प्लेबैक के रूप में अपनी कैरियर की शुरूआत की। (Bombay) उन्होंने साथ-साथ (1982), उत्सव (1984) और प्रेम प्रतिज्ञा (1989) जैसे कई अन्य फिल्मों के लिए गाना गाया। (Old Bombay) हालांकि 1984 में उनके पहले सोलो एलबम आहट की रिलीज के साथ ही उन्हें गजल गायक के रूप में बड़ी पहचान मिली। उन्होंने जगजीत सिंह, आशा भोंसले, लता मंगेशकर और अनूप जलोटा जैसे कई अन्य कलाकारों के साथ भी काम किया है।
कमाल के थे गायक
विमल टाकिज के मालिक शांतिलाल लुंकड़ ने बताया कि पंकज उधास धमतरी में 1987 में पहुंचे। टाकिज में 900 सीट थे। सभी पैक थे। कई लोग तो टाकिज के बाहर से ही उनके गाने सुन रहे थे। कुछ देर के लिए कार्यक्रम भी रूक गया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी शानदार गायकी से लोगों को खूब प्रभावित किया।
Published on:
28 Feb 2024 01:39 pm
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