6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

प्रधानमंत्री की इस योजना से बेरोजगार युवा हुए परेशान, बोले- लल्लूराम बनाया

उल्लेखनीय है कि 2.53 करोड़ का लोन प्रकरण अटका कर इस महती योजना पर बैंकर्स पलीता लगा रहे हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

धमतरी

•

image

Chandu Nirmalkar

•

Updated: 21 Dec 2017, 6:42 PM IST

Prime Minister Narendra Modi

बेरोजगारों को स्वरोजगार से जोडऩे शहर में मुद्रा लोन योजना शुरू की गई है, लेकिन यहां ये योजना दम तोड़ रही है। उल्लेखनीय है कि 2.53 करोड़ का लोन प्रकरण अटका कर इस महती योजना पर बैंकर्स पलीता लगा रहे हैं। सालभर में महज 38 लोगों को ही लोन मिला है, जबकि अब भी सैकड़ों आवेदन लंबित पड़े हुए है।

धमतरी. राज्य शासन ने शहरवासियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शहरी आजीविका मिशन अभियान शुरू किया है। इसके तहत महिलाओं को जहां ब्यूटी पार्लर, कुकिंग, टेलरिंग समेत अन्य प्रशिक्षण देकर रोजगार ? से जोडऩे की कवायद की जा रही है, वहीं युवाओं को मुद्दा लोन देकर रोजगार-व्यवसाय से जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है। दूसरी ओर शासन की इस महती योजना पर शहर के बैंकर्स पानी फेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है। उल्लेखनीय है कि योजना के तहत रोजगार-व्यवसाय के लिए इस साल 258 लोगों ने आवेदन किया है। निगम की अनुशंसा के बाद सारी प्रक्रिया पूरी करने के बाद इन आवेदनों को स्टेट बैंक, देना बैंक, पंजाब नेशनल बैंक समेत शहर में स्थित 27 बैंकों में प्रकरण को स्वीकृति के लिए भेज दिया गया हैं, लेकिन उन्हें स्वीकृति नहीं मिली।

सिर्फ मिला 38 लोगों को लाभ
बैंक प्रबंधकों द्वारा लोन प्रकरणों के निपटारे में उदासीनता बरते जाने की लगातार मिल रही शिकायत के बाद पिछले दिनों कलक्टर डा. सीआर प्रसन्ना ने सभी बैंकों के प्रबंधकों की बैठक लेकर उन्हें फटकार भी लगाई। इसके बावजूद नतीजा सिफर रहा। उधर, एक जानकारी के अनुसार मुद्रा लोन योजना के तहत सिर्फ 38 लोगों का ही लोन स्वीकृत हुआ है। अभी भी 220 प्रकरण बैंकों में लंबित पड़े हुए है। इस तरह 2 करोड़ 53 लाख का मुद्रा लोन अटकने से युवाओं में भारी मायूसी है।

हितग्राही काट रहे चक्कर
जालमपुर के हितग्राही कृष्णा कुमार, दानीटोला के भारत लाल साहू ने बताया कि उन्होंने फुटकर कपड़ा व्यवसाय के लिए 1 लाख रुपए के लोन के लिए आवेदन किया हैं। बार-बार वह बैंक का चक्कर काटने के बावजूद भी उन्हें लोन नहीं मिला। हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर लौटा दिया जाता है। डाक बंगला वार्ड के कौशल साहू ने होटल व्यवसाय के लिए 50 हजार के लोन के लिए आवेदन किया है। उनका भी प्रकरण बैंक में लंबित पड़ा हुआ है।

मुद्रा लोन देकर बेरोजगारों को स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। जल्द ही बैंकर्स की मीटिंग लेकर लंबित प्रकरणों का निपटारा किया जाएगा।
डा. सीआर प्रसन्ना कलक्टर