
विरोध प्रदर्शन में पुलिसकर्मी ने मीडिया कर्मी घायल (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Congress Protest: मनरेगा बचाओ संग्राम और किसानों का शत-प्रतिशत धान खरीदने की मांग को लेकर कांग्रेसियों ने कलेक्ट्रेट में जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इस धक्का-मुक्की में एक आरक्षक, दो मीडियाकर्मी सहित कुछ कार्यकर्ता चोटिल हो गए।
कलेक्ट्रेट घेराव का कार्यक्रम पहले से ही तय था। पुलिस प्रशासन ने भी कलेक्ट्रेट परिसर के गेट के आगे दो स्थानों पर बैरिकेड्स लगा रखा था। कांग्रेसी दोपहर 12 बजे कलेक्ट्रेट रोड के पास एकत्रित हुए। यहां माईक के माध्यम से कांगे्रसियों ने छत्तीसगढ़ सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। साथ ही मनरेगा कानून को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए केन्द्र सरकार पर भी भड़ास निकाली। 2 घंटे संबोधन के बाद रैली के रूप में कांग्रेसी कलेक्ट्रेट की ओर आगे बढ़े। यहां पहले बैरिकेड्स में कांग्रेसियों को रूकना पड़ा। कांग्रेसी बेरिकेट्स को लांघकर भीतर जाना चाहते थे।
करीब डेढ़ घंटे तक खींचतान चलते रहा। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता रस्सी वाले बैरिकेड्स को लांघने में सफल हो गए। धक्का-मुक्की के चलते एक महिला आरक्षक, दो मीडियाकर्मी और कुछ कार्यकर्ता सड़क किनारे नाली के पास गिर गए। मीडियाकर्मी सौम्या यादव के पैर में गंभीर चोट आई है। रंजीत छाबड़ा के शरीर में भी अंदरूनी चोट आई है, जबकि अन्य को सामान्य चोट आना बताया गया।
इस अवसर पर सिहावा विधायक अंबिका मरकाम, जिलाध्यक्ष तारिणी चंद्राकर, जिला पंचायत सदस्य कविता बाबर, नीशु चंद्राकर, पूर्व विधायक डॉ लक्ष्मी ध्रुव, मोहन लालवानी, नीलम चंद्राकर, आनंद पवार, नरेन्द्र सोनवानी, राकेश मौर्य, गीतराम सिन्हा, प्रवीण साहू आदि उपस्थित थे।
घेराव के पूर्व कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष तारणी चंंद्राकर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों की उपज का एक-एक दाना खरीदने का वादा किया था। जब धान खरीदने की बारी आई, तो किसानों के घर जाकर भौतिक सत्यापन किया गया। किसान चोर नहीं है। किसान कड़ी मेहनत कर धान की उपज लेते हैं। ऐसे में भौतिक सत्यापन के नाम पर रकबा समर्पण कराना कहां तक उचित है।
उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा किसानों का धान खरीदने का नहीं था। किसानों के आक्रोश को देखते हुए सरकार ने दो दिन धान खरीदने की तिथि बढ़ाई। जबकि प्रदेश में 3 लाख से अधिक किसान धान नहीं बेच पाए हैं। प्रदेश सरकार किसानों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। विधायक अंबिका मरकाम ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलकर कानून को और कमजोर करने का प्रयास मोदी सरकार कर रही है। मनरेगा मजदूरों का अधिकार है। सरकार को सभी किसानों का धान खरीदना चाहिए।
कांग्रेस बैरिकेट्स के पास 2 बजे पहुंच गई थी। धमतरी एसडीएम पीयूष तिवारी व नायब तहसीलदार बैरिकेट्स के पास आवेदन लेने पहुंचे, लेकिन कांग्रेसियों ने कलेक्टर के हाथ में ही आवेदन देने की जिद पर अड़े रहे। इस दौरान जमकर नारेबाजी भी हुई। अंतत: 2 घंटे के प्रदर्शन बाद अपर कलेक्टर बी एक्का आवेदन लेने पहुंची। कांग्रेसियों ने उन्हें दो सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
Updated on:
07 Feb 2026 09:59 am
Published on:
07 Feb 2026 09:57 am
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