
झमाझम बारिश से जलसंकट से मिली राहत , हैंडपंप हुए रिचार्ज, भू-जलस्तर भी बढ़ा
धमतरी. झमाझम बारिश के चलते भू-जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। जिले में अब तक करीब 623.7 मिमी रिकार्ड बारिश हुई है। इससे करीब दो दर्जन गांवों में बंद पड़े करीब १९० से अधिक हैंडपंप पुन: रिचार्ज हो गए हंै। इससे शहर समेत ग्रामीणों को पेयजल संकट से बड़ी राहत मिली है।
उल्लेखनीय है कि मानसूनी हवाओं ने इस साल प्रदेश में देर से प्रवेश किया है। इसके बाद से मानसून धमतरी जिले पर मेहरबान हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने तगड़े सिस्टम और मानसूनी हवाओं के चलते जिले में रूक-रूककर झमाझम बारिश हो रही है। इसी का नतीजा है कि भू-जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। भू-अभिलेख शाखा से मिली जानकारी के अनुसार १ जून से लेकर अब तक धमतरी जिले में 623.7 मिमी बारिश दर्ज किया गया है। इसमें सर्वाधिक बारिश भखारा तहसील में ७१९.८ मिमी रिकार्ड बारिश दर्ज किया गया है।
जबकि सबसे कम बारिश बेलरगांव में ४७४.१ मिमी बारिश हुई है। इसी तरह धमतरी में ६८७.3 मिमी, कुरुद में ६92.१ मिमी, मगरलोड में 635.6 मिमी, नगरी में ५72.8 मिमी और कुकरेल में ५८४.0 मिमी बारिश दर्ज किया गया है।
लगातार हो रही बारिश से जिले के भू-जलस्तर भी अब बढऩे लगा है। पीएचई विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भीषण गर्मी के चलते इस साल धमतरी ब्लाक के रूद्री, बिंद्रनवागांव, गंगरेल, सोरम-भटगांव, बरारी, डांगामाचा, बागोडार, लीलर, भंवरमरा, डोमा, लोहरसी, पोटियाडीह समेत २७ गांवों में भू-जलस्तर २२ मीटर तक नीचे चला गया था, जिसके चलते २ सौ हैंडपंप भी सूख चुके थे। स्थिति यह थी कि ग्रामीणों को पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा था, लेकिन वर्तमान में अच्छी बारिश होने से भू-जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है।
सूत्रों की मानें तो धमतरी ब्लाक में औसतन भू-जलस्तर १८ मीटर होता है। गर्मी के दिनों में भू-जलस्तर में ५ मीटर तक की गिरावट दर्ज की गई थी। जबकि अब भ-ूजलस्तर में ९० फीसदी तक सुधार तक हुआ है। ऐेसे में गर्मी की वजह से बंद हो चुके हैंडपंप चालू हो गए हैं। इसी के साथ ही खेतों में लगे मोटर पंप भी अब मुंह भर पानी दे रहा है। इससे किसानों को भी बड़ी राहत मिली है।
वाटर हार्वेस्टिंग पर दिया जा रहा जोर
उधर शासन की ओर से भूजलस्तर को मेनटेंन करने के लिए गांव-गांव प्रचार-प्रसार कर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर भी जोर दिया जा रहा है। ग्रामीण भी अब इसमें रूचि ले रहे हैं। यही वजह है कि नए भवन बनाने के दौरान ग्रामीण अब स्वत: ही स्वयं के खर्चे से बारिश के पानी को जमीन के भीतर पहुंचाने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा रहे हैं। इससे भी भू-जलस्तर में सुधार होता दिख रहा है।
धमतरी ब्लाक की औसतन भू-जलस्तर १८ मीटर है। झमाझम बारिश के चलते भूजलस्तर में तेजी से सुधार हो रहा है। वर्तमान में करीब १९० हैडपंप पुन: चालू हो गए हैं। इससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।
दीपक कनाडे, अधिकारी पीएचई
Published on:
08 Aug 2023 01:56 pm
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