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शिक्षा विभाग में चल रही मनमर्जी का खेल, शहर के कई स्कूलों में जरूरत नहीं फिर भी अटैचमेंट में ठहरे

Dhamtari News: जिले में 130 से ज्यादा अतिशेष शिक्षक रहने के बावजूद जरूरत वाले स्कूलों में नहीं भेजा जा रहा है। इनमें अधिकांश अधिकारी-कर्मचारी और कर्मचारी संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों के नाते-रिश्तेदार हैं।

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Students' studies affected

छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित

Chhattisgarh News: धमतरी। जिले में 130 से ज्यादा अतिशेष शिक्षक रहने के बावजूद जरूरत वाले स्कूलों में नहीं भेजा जा रहा है। इनमें अधिकांश अधिकारी-कर्मचारी और कर्मचारी संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों के नाते-रिश्तेदार हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों के अभाव से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिला प्रशासन भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

उल्लेखनीय है कि धमतरी जिले में 877 प्राथमिक तथा 444 माध्यमिक शाला हैं। इसमें प्राथकि शाला में कुल 1578 सहायक शिक्षक तथा माध्यमिक शाला में 2113 शिक्षकों का पद स्वीकृत है, जिसके एवज में क्रमश:1521 और 1868 शिक्षक कार्यरत हैं। स्कूलों में अभी भी 304 शिक्षकों की कमी बनी हुई हैं। इसके बावजूद जिले में कई ऐसे भी स्कूल हैं, जहां स्वीकृत पद के विरूद्ध अतिशेष शिक्षक जमे (CG Hindi News) हुए हैं। जबकि नगरी-सिहावा वनांचल समेत दक्षिण मगरलोड, गंगरेल डूबान क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों की बड़ी कमी बनी हुई है।

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इतने शिक्षक है पदस्थ

शिक्षा विभाग के मुताबिक जिले में छह ऐसे प्राथमिक शाला हैं, जो रिकार्ड में शिक्षक विहीन हैं। आसपास स्कूलों से वैकल्पिक व्यवस्था के तहत इन स्कूलों में शिक्षक भेजा गया। इसके बावजूद 61 स्कूल ऐसे हैं, जो एकल शिक्षकीय संस्था है। आज की स्थिति में धमतरी ब्लाक के स्कूलों में 15 अतिशेष शिक्षक है। इसी तरह कुरूद ब्लाक के स्कूलों में सर्वाधिक 25 शिक्षक अतिशेष शिक्षक है। मगरलोड ब्लाक के स्कूलों में 19 तथा नगरी ब्लाक के स्कूलों में 11 अतिशेष शिक्षक है। शिक्षा सूत्रों के अनुसार प्राथमिक शालाओं में पदस्थ 70 अतिशेष शिक्षकों में अधिकांश जनप्रतिनिधि, शासकीय अधिकारी-कर्मचारी और कर्मचारी नेताओं के नाते-रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। इसके पूर्व भी तत्कालीन डीईओ रजनी नेल्सन अतिशेष शिक्षकों को हटाकर जरूरत वाले स्कूलों में भेजने का प्रयास किया गया था, लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो पाए।

इसी तरह की स्थिति माध्यमिक शालाओं में भी है। जिलेभर के माध्यकि शालाओं में ऐसे 63 शिक्षक हैं, जो स्कूलों में अतिशेष है। इसमें धमतरी (CG Hindi News) ब्लाक में 16, कुरूद में सर्वाधिक 20, मगरलोड में 14 तथा नगरी ब्लाक के स्कूलों में 13 अतिरिक्त शिक्षक पदस्थ हैं, जबकि कई ऐसे भी स्कूल हैं, जहां शिक्षक के अभाव में छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है।

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30 बच्चों पर एक शिक्षक होना चाहिए

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्राथमिक शाला में 30 बच्चों के पीछे एक शिक्षक होना चाहिए। इसी तरह माध्यमिक शाला में 35 बच्चों के पीछे एक शिक्षक तथा हाईस्कूल में 40 बच्चों के पीछे एक शिक्षक होना चाहिए। इस तरह प्राथमिक स्कूल में कम (Dhamtari hindi news) से कम 2 शिक्षक, माध्यमिक शाला में 4, हाईस्कूल में 6 तथा हायर सेकंडरी में विषयवार कम से कम 5 शिक्षक होना चाहिए, जो धमतरी जिले के स्कूलों में उपलब्ध नहीं है।

जिले में सेटअप के मुताबिक शिक्षकों की कमी बनी हुई है, फिर भी जिन स्कूलों से शिक्षकों की मांग आ रही है, वहां अतिशेष शिक्षकों को भेजा जा रहा है।
- बृजेश वाजपेयी, डीईओ

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