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सचिव पर कार्रवाई, रोजगार सहायकों को बचाने की कोशिश

मामला टोंकी पंचायत में हुए लाखों के घोटाले का

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सचिव पर कार्रवाई, रोजगार सहायकों को बचाने की कोशिश

ग्राम पंचायत कार्यालय

मनावर . जनपद पंचायत मनावर के ग्राम टोकी एवं निगरनी के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायकों द्वारा की गई वित्तीय अनियमितताएं जांच में सिद्ध होने के बाद ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। जांच में दोषी चिह्नित हुए इन पंचायत कर्मचारियों को बचाने का मामला सामने आया है ।
जांच में खुली थी गडबडी की पोल: टोंकी के सरपंच सचिव एवं रोजगार सहायक द्वारा शासन की विभिन्न योजनाओँ अंतर्गत मजदूर मूलक कार्यों में भारी भ्रष्टाचार किया गया। इसमें ग्राम टोंकी के शासकीय सेवकों में जो न्यायिक मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत है उनके नाम से मनरेगा के कार्यों पर मजदूरी का भुगतान किओस्क सेंटरों से फर्जी खाते खोलकर राशि आहरण कर ली थी। इसमामले में टोकी के सचिव के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई कर रोजगार सहायक को बचाने की कवायद की जा रही है जबकि मनरेगा योजना में फर्जीवाड़ा रोजगार सहायक ने किया है ।
टोंकी के रोजगार सहायक नितिन सोनी ने एक पत्र जपं सीईओ मनावर को लिखकर स्थानांतरण निगरनी में रोजगार सहायक के साथ आपसी सहमति से किए जाने की मांग की ।
दो हो चुके है निलंबित: ग्राम पंचायत निगरनी एवं टोंकी के सरपंच ,सचिव ,रोजगार सहायकों पर ग्रामीणों के की गई शिकायतों के बाद वित्तीय गड़बडिय़ां जांच अधिकारी को मिली थी। उसी आधार पर जांच अधिकारी का जांच प्रतिवेदन जिला पंचायत धार को भेजा था।
जिला पंचायत द्वारा मामले में टोंकी के सचिव राजाराम को एवं निगरनी के सचिव दीप सिंह मौर्य को निलंबित कर दिया था। मनरेगा योजना मेंं फर्जीवाड़ा करके शासकीय सेवा में कार्यरत ग्राम टोंकी के निवासी जो न्यायिक सेवा में मजिस्ट्रेट पद पर कार्यरत है। उनके नाम से मजदूरी के मस्टर भरकर फर्जी अकाउंट कियोस्क सेंटर में खुलवा कर पेमेंट आहरण करने के मामले के दोषी रोजगार सहायक के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं होने से जिला पंचायत के अधिकारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं।
निगरनी के रोजगार सहायक राकेश राठौड़ को जिला पंचायत सीईओ ने विभिन्न योजनाओं की राशि अनियमित तरीके से आहरण किए जाने के मामले में दोषी मानते हुए 18 फरवरी को एक आदेश जारी किया है इसमें उसकी सेवाएं समाप्त कर दी है। जबकि निगरनी के पंचायत सचिव निलंबित है अभी तक सचिव के विरुद्ध जिला पंचायत द्वारा दंडात्मक कोई कार्रवाई उसके विरुद्ध नहीं की गई है।
ग्राम पंचायत टोंकी एवं ग्राम पंचायत निगरनी में पंचायत सचिव निलंबित चल रहे थे तथा वहां के ग्राम पंचायतों के इन रोजगार सहायकों के विरुद्ध लगातार शिकायतें मिल रही थी एवं पंचायतों के प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे थे। इसलिए इन्हें आपस में प्रशासनिक दृष्टि से स्थानांतरण किए गए।
लक्ष्मण सिंह डिंडोर, सीईओ जनपद पंचायत मनावर