script कुलदेवता को डायनासोर के अंडे बताने से भड़का पूरा गांव, अब हुआ ये बड़ा खुलासा | dhar villagers in madhya pradesh worship a stone turns out dinosaur egg know big exposed in this case | Patrika News

कुलदेवता को डायनासोर के अंडे बताने से भड़का पूरा गांव, अब हुआ ये बड़ा खुलासा

locationधारPublished: Dec 24, 2023 09:31:02 am

Submitted by:

Sanjana Kumar

पाडल्या के ग्रामीण देवता मानकर पत्थरों की पूजा करते हैं। लखनऊ के वैज्ञानिकों ने भ्रमण के दौरान इन्हें डायनासोर के अंडे बताया। यह खबर तेजी से वायरल हो गई। लेकिन अब ग्रामीणों ने इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जाहिर की है...

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पाडल्या के ग्रामीण देवता मानकर पत्थरों की पूजा करते हैं। लखनऊ के वैज्ञानिकों ने भ्रमण के दौरान इन्हें डायनासोर के अंडे बताया। यह खबर तेजी से वायरल हो गई। लेकिन अब ग्रामीणों ने इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जाहिर की है। कलेक्टर के सामने पहुंचे ग्रामीणों ने अब बड़ा खुलासा किया है, आप भी जानें आखिर क्या है मामला, पढ़ लें ये पूरी खबर...

ये था पूरा मामला

दरअसल मध्य प्रदेश के धार जिले के कुक्षी तहसील क्षेत्र में बाग के ग्राम पाडल्या में जिसे लोग 'कुलदेवता' (Dinosaur Egg Worship) मानकर पूजा कर रहे थे, वह अंडा निकला और वह भी डायनासोर का। कुछ वैज्ञानिकों ने जब जांच की तो सच्चाई सामने आई और लोग हैरान रह गए। मामला मीडिया में आने के बाद पांडलया गांव के वेस्ता मांडलोई ने बताया इन गोलाकार पत्थर जैसे वस्तु की 'काकर भैरव' के रूप में पूजा कर रहे थे। उनके घर में यह परंपरा पूर्वजों के दौर से ही चली आ रही थी, जिसका वह भी पालन कर रहे थे। उनका मानना है कि ये कुलदेवता (Dinosaur Egg Worship) खेती और मवेशियों की रक्षा करते हैं और उन्हें संकट से बचाते हैं।

खेती के दौरान खुदाई में मिले थे
'काकर' (Dinosaur Egg Worship) का मतलब है कि खेत और 'भैरव' देवता हैं। मांडलोई की तरह उनके गांव के बहुत से लोग इस तरह की आकृति की पूजा कर रहे थे, जो उन्हें धार और आसपास के इलाकों में खेती के दौरान खुदाई में मिले थे। हालांकि, अब नए तथ्य सामने आने के बाद लोग दुविधा में हैं। कुछ लोगों का कहना है कि वह देवता (Dinosaur Egg Worship) समझकर पूजा कर रहे थे और करते रहेंगे।

जांच में पता चला कि ये डायनासोर के अंडे
बीते दिनों लखनऊ के बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक धार के ग्राम पाडल्या पहुंचे। डायनासोर के इतिहास और मध्य प्रदेश के इस क्षेत्र में उनके अवशेष का पता लगाने पहुंची टीम को पता चला कि यहां खेतों में लोगों को गोलाकार वस्तु (Dinosaur Egg Worship) मिली थी जिसकी लोग पूजा करते हैं। वैज्ञानिकों ने जब इनकी जांच को तो पता चला कि असल में ये डायनासोर के अंडे हैं।

अब सरपंच ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

मामले से नाराज ग्रामीणों की ओर से गांव के सरपंच जाम सिंह पटेल, करकदा सरपंच माधव ने धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि झूठी प्रशंसा पाने के लिए वैज्ञानिक समाज को गुमराह कर रहे हैं और हमारी धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने कलेक्टर से आग्रह किया कि हमारे देवता को स्थानांतरित नहीं किया जाए।

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