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Dharampuri Assembly Election Result Live : भाजपा प्रत्याशी कालूसिंह ठाकुर 372 वोटों से हारे, कांग्रेस प्रत्याशी पांचीलाल मेड़ा जीते

एमपी विधान सभा चुनाव परिणाम का रुझान आ गए हैं। धरमपुरी विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी कालूसिंह ठाकुर 372 वोटों से हार गए है। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी पांचीलाल मेड़ा ने जीत हासिल की है।

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धार

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Astha Awasthi

Oct 30, 2023

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मध्यप्रदेश चुनाव 2023

धरमपुरी विधानसभा सीट मध्य प्रदेश के धार जिले की एक सीट है। ये धार लोकसभा सीट का हिस्सा है, जो मालवा इलाके में पड़ता है। इस विधानसभा सीट में वोटरों की कुल संख्या 183659 है। साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में, यानी पिछले विधानसभा चुनाव में इस विधानसभा सीट पर कुल 195028 मतदाता थे, और उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार पांचीलाल मेड़ा को 78504 वोट देकर विजयश्री प्रदान की थी, और विधायक बना दिया था, जबकि बीजेपी उम्मीदवार गोपाल कन्नौज को 64532 मतदाताओं का भरोसा हासिल हो पाया था, और वह 13972 वोटों से चुनाव हार गए थे।

राजनीतिक इतिहास

2013 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर कालूसिंह ठाकुर (बीजेपी) ने 65069 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी को 7573 मतों के अंतर से हराया। दूसरा स्थान (57496) वोटों के साथ पचीलाल मेदा (कांग्रेस) को मिला. तीसरा स्थान (3964) वोटों के साथ - (नोटा) का रहा. (2472) वोटों के साथ एनसीपी को चौथा स्थान को मिला। चुनाव में कुल 132135 मत पड़े थे. कुल 71.95% मतदान हुआ।

इसी तरह, विधानसभा चुनाव 2008 में धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार पांचीलाल मेड़ा को कुल 43688 वोट हासिल हुए थे, और वह विधानसभा पहुंचे थे, जबकि बीजेपी प्रत्याशी जगदीश मुवेल दूसरे पायदान पर रह गए थे, क्योंकि उन्हें 37034 वोटरों का ही समर्थन मिल पाया था, और वह 6654 वोटों से चुनाव में पिछड़ गए थे.

विधानसभा चुनाव 2018 में, यानी पिछले विधानसभा चुनाव में मध्य प्रदेश सूबे में 114 सीटों पर जीतकर कांग्रेस राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि 230-सदस्यीय विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खाते में 109 सीटें ही आ पाई थीं. बाद में कांग्रेस ने 121 विधायकों के समर्थन का पत्र राज्यपाल को सौंपा था और कमलनाथ ने बतौर मुख्यमंत्री शपथ ली थी. लेकिन फिर डेढ़ साल बाद ही राज्य में नया राजनीतिक तूफ़ान खड़ा हो गया, जब ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने समर्थक 22 विधायकों के साथ BJP में शामिल हो गए. इससे बहुमत BJP के पास पहुंच गया और शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर सूबे के मुख्यमंत्री बन गए।

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