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आदिमानव काल: धार में आकार लेगा डायनासोर फॉसिल्स नेशनल पार्क, खर्च होंगे दो सौ करोड़ रुपए

- टनल में नजर आएगी डायनासोर की दुनिया, 6.5 करोड़ साल पहले के युग में पहुंच जाएंगे दर्शक

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धार

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Deepesh Tiwari

Feb 27, 2023

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भोपाल। मध्यप्रदेश में एक बार फिर डायनासोर का संसार नजर आएगा। सात टनल के जरिए पर्यटक थ्री-डी इमेज में डायनासोर की दुनिया देख सकेंगे। धार जिले के बाग में बनने वाले देश के पहले और अनोखे डायनासोर फॉसिल्स नेशनल पार्क में यह सब देखने को मिलेगा। इसकी परिकल्पना कुछ इस तरह तैयार की गई है कि लोग 6.5 करोड़ साल पहले के युग में पहुंच जाएंगे।

राज्य ईको पर्यटन विकास बोर्ड ने पार्क का कॉन्सेप्ट डॉक्यूमेंट तैयार कर लिया है। 89.4 हेक्टेयर में पार्क विकसित होगा। प्रोजेक्ट पर करीब 200 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यहां पृथ्वी की उत्पत्ति से लेकर डायनासोर के जीवन और आदिमानव काल को दिखाया जाएाग।

खास-खास
- पार्क के मुख्य गेट पर जीवाश्म से संबंधित सभी बड़े जीवों, मौजूदा-जीवाश्मित वनस्पति, जंतु और स्ट्राटीग्राफ होंगे। इसमें कुछ की उपस्थिति वास्तविक जैसे होगी। कुछ फाइबर रेप्लिका होंगी।
- गेट के एक ओर फाइबर से उल्कापिंड तैयार किया जाएगा, जो बताएगा कि पृथ्वी पर इसके गिरने के बाद डायनासोर का अस्तित्व खत्म हो गया। इसमें टायरानोसौरस की बड़ी रेप्लिका होगी।

ऐसी होंगी 7 टनल
पार्क में ईको फ्रेंडली इमारत बनेगी। थ्रीडी ऑडियो विजुअल के जरिए सात टनल में अलग-अलग कालखंड के ईकोसिस्टम की जानकारी होगी। जीवाश्मों के पास लगे क्यूआर कोड को स्कैन करते ही दर्शकों को वर्चुअल रिअलिटी या उनके मोबाइल पर शार्क, गगनचुम्बी वृक्ष, पर्वताकार डायनासोर और आदिमानवों को उसी स्थान पर महसूस किया जा सकेगा, जिस स्थान पर उनके जीवाश्म मिले हैं। टनल में दर्शकों को ऐसा लगेगा जैसे वे उनके बीच से होकर गुजर रहे हैं। हर टनल, किसी एक काल का टाइम ट्रैवल कराएगी। एक टनल में आदिमानव से मानव बनने की जानकारी होगी।

पंचतत्व को कर सकेंगे महसूस
यहां नर्मदा जीवाश्म विहार, लिथो लैब भी होगी। लिथो लैब जमीन में धंसे एक उल्कापिंड सी प्रतीत होगी। अर्थ कॉम्प्लेक्स में भारत की सबसे पुरानी चट्टानों, बड़े रत्नों, कालसूचक चट्टानों की सवारी कर सकेंगे। कुछ पत्थर चोट करते ही संगीत के सुर की ध्वनियां उत्पन्न करने लगेंगे।

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इस भूभाग पर था समुद्र
राज्य ईको पर्यटन विकास बोर्ड की सीईओ डॉ. समिता राजौरा ने बताया कि यहां कई ऐसे जंतुओं और वनस्पतियों के जीवाश्म मिले हैं, जो युगों पूर्व भारत का संबंध मेडागास्कर, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका तक से जोड़ते हैं। ट्यूरोनियन काल में ये भूभाग समुद्र का हिस्सा हुआ करता था। यहां मान नदी घाटी में विलुप्त छह तरह की शार्क के दांतों के अवशेष मिल चुके हैं। वैज्ञानिकों को मांसाहारी डायनासोर के 6.50 करोड साल पुराने 256 अंडों के प्रमाण भी मिले हैं।