23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

12 हजार स्क्वेयर फीट का पंडाल भी छोटा पड़ा, पंडित मिश्रा की शिवपुराण में उमड़े लाखों लोग

कोटेश्वरधाम में चल रही शिवपुराण कथा में प्रदीप मिश्रा बोले- एक लौटा जल महादेव को चढ़ाएं शिवलिंग से छू गया तो वह अपने आप ही गंगाजल बन जाता है, पहले के साधु संत राम श्री कृष्ण के पीछे भागते थे, अब सत्ताधारी दल के पीछे

2 min read
Google source verification

धार

image

deepak deewan

Mar 27, 2023

pradeepmishra-shivpuran-katha.png

कोटेश्वरधाम में चल रही शिवपुराण कथा

धार. कोटेश्वरधाम में पंडित प्रदीप मिश्रा शिवपुराण कथा चल रही है। यहां हजारों लाखों लोग आ रहे हैं, हाल ये है कि भक्तों के लिए बनाया गया विशाल पंडाल भी छोटा पड़ गया जिसके कारण और टेंट लगाए गए। कथा में पंडित मिश्रा बोले कि एक लौटा जल महादेव को चढ़ाएं, शिवलिंग से छू गया तो वह अपने आप ही गंगाजल बन जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले के साधु संत राम श्री कृष्ण के पीछे भागते थे, अब सत्ताधारी दल के पीछे भाग रहे हैं। शिव महापुराण की कथा कहती है कि केवल शिव को पाने की पुण्यायी है। परमात्मा को चढाए जाने वाले जल में छल नहीं होना चाहिए। ह्रदय, भाव व मन से भगवान को जल समर्पित करना चाहिए।

कथा वाचक प्रदीप मिश्रा का यह कार्यक्रम कोटेश्वर महादेव धाम में शिवकुमारसिंह सिसौदिया एवं ओमप्रकाश पांडे की स्मृति में शरदसिंह सिसौदिया परिवार की ओर से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शंकर भगवान पर गंगाजल चढाए तो क्या भगवान प्रसन्न अधिक होते शिवमहापुराण कथा कहती है एक लौटा जल महादेव को चढ़ा रहे हैं। यदि वह शिवलिंग से छू गया तो अपने आप ही गंगाजल बन जाता है।
जैसा आप शुद्ध खाते है वैसा ही भगवान को शुद्ध और सच्चे मन से अर्पण करे। चाहे एक चावल का दाना चढाना तो वह भी जो आप खाते है वैसा ही शंकरजी को चढाते हो तो वे प्रसन्न हो जाएंगे। पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि केमिकल युक्त व अशुद्ध वस्तु अर्पण करने से भगवान को भी कष्ट होता है। मनुष्य को नेत्र दर्शन के लिए, कान श्रवण करने, चरण मदिर जाने शीश झुकाने एवं हाथ दान करने के लिए दिए हैं।

कथावाचक मिश्रा ने कहा कि आयोजक शरदसिंह सिसौदिया को धन्यवाद देना चाहता हूं जिनके कारण लाखों लोग शिवमहापुराण कथा सुन पा रहे हैं। पंचपुष्प कथा के तीसरे दिन उन्होंने शमी का पुष्प् का महत्व बताया। कथा के बाद राज्यमंत्री राजेश अग्रवाल, पूर्व विधायक बालमुकुंदसिंह गौतम, मनोजसिंह गौतम, कमलसिंह पटेल, अमित जैन ने आरती की। इससे पूर्व तहसील के विभिन्न मंदिरों के पुजारियों का सम्मान भी किया गया था।

12 हजार वर्ग फीट का पंडाल छोटा हुआ, बढ़ाए टेंट
पंचपुष्प शिवमहापुराण कथा के तीसरे दिन यहां हजारों लोग आए। दो दिन की कथा के पश्चात तीसरे दिन रविवार होने से श्रद्धालुओं का मेला सा लग गया। शिव महा पुराण कथा में आनेवाले भक्तों के लिए 12 हजार वर्ग फीट का पंडाल बनाया गया था लेकिन भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इसे अतिरिक्त रूप से बढाया गया। रविवार को यहां इतने लोग आ गए कि यह पंडाल भी छोटा पड गया। कई श्रद्धालुओं ने तपती धूप में खडे रहकर कथा का आनंद लिया।