
jetpura industrial area expansion controversy (फोटो- फेसबुक वायरल फोटो)
MP News: मध्य प्रदेश के धार जिले के जेतपुरा गांव में प्रस्तावित नवीन औद्योगिक क्षेत्र विस्तार को लेकर विवाद गरमा गया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के गोसेवा क्षेत्र प्रमुख सोहन विश्वकर्मा ने जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र (DIC) के महाप्रबंधक शैलेन्द्रसिंह को फोन पर चेतावनी देते हुए कहा, औद्योगिक क्षेत्र विस्तार का विरोध नहीं है, लेकिन जबरन यदि गाय की जमीन लोगे ती ना उद्योग पनपेंगे, ना उद्योगपति।
मामला जैतपुरा स्थित प्रकृति वात्सल्य गौशाला को आवंटित चरनोई भूमि के एक हिस्से को औद्योगिक क्षेत्र में मिलाने के आरोपों से जुड़ा है। शनिवार को विश्वकर्मा मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। वहीं से उन्होंने डीआईसी अधिकारी को फोन कर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
सोहन विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि संबंधित भूमि का लैंड यूज उद्योग के लिए नहीं है। उनके अनुसार ग्राम पंचायत जेतपुरा से विकास अनुमति नहीं ली गई और न ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी प्राप्त की गई। उन्होंने कहा कि जिस भूमि पर ऑनलाइन निविदा आमंत्रित की की गई है, वह पब्लिक सर्विस उपयोग के लिए चिन्हित है। गोवंश की चरनोई भूमि पर उद्योग विभाग ने बिना सूचना सीमांकन और फैसिग की कार्रवाई की है।
विहिप नेता ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी भूमि के सीमांकन से पहले आसपास के भू-धारकों को सूचना दी जाती है. लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने फोन पर स्पष्ट कहा कि यदि गोशाला की भूमि वापस नहीं की गई तो वे कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्टर कार्यालय पर धरना देंगे और मामला मुख्यमंत्री तक ले जाएंगे।
शहर में लगभग 40 वर्षों बाद नए औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार किया जा रहा है। जेतपुरा में बड़े पैमाने पर औद्योगिक इकाइयों को प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया जारी है। आरोप है कि गोशालाओं को पूर्व में आवंटित करीब 12 एकड़ भूमि के कुछ हिस्से को सीमांकन किए बिना औद्योगिक क्षेत्र में शामिल कर लिया गया। विहिप का दावा है कि गोशाला की चरनोई भूमि को रातों-रात तार फेंसिंग कर कबर किया गया और शेष भूमि को उद्योग क्षेत्र में मिला दिया गया। गोशाला 34वीं बटालियन के समीप स्थित है और यहां करीब 300 गायें रखी जाती हैं।
प्रकृति वात्सल्य गोशाला में बीमार पशुओं को रखा जाता है। लगभग 300 गाय यहां रहती हैं। यदि चरनोई भूमि पर अतिक्रमण होता है तो गोवंश की दुर्दशा हो जाएगी। - धर्मेन्द्र जोशी, अध्यक्ष, प्रकृति वात्सल्य गोशाला, धार
टीएनसीपी से नक्शा अनुमोदित कराया गया है। सभी आवश्यक अनुमतियां विधिवत ली गई हैं। रातों-रात कोई फेंसिंग नहीं हुई है। संबंधित भूमि औद्योगिक क्षेत्र की ही है। आरोपों पर मैं कुछ नहीं कहना चाहता।- शैलेन्द्रसिंह, महाप्रबंधक, जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र, धार (MP News)
Updated on:
22 Feb 2026 09:34 am
Published on:
22 Feb 2026 12:01 am
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