
धार/गुजरी। कारम डैम (karam dam) फूटने के बाद अब उसकी जांच ( investigation) में भी नोटंकी देखने को मिली है। भोपाल (bhopal) से बनाया गया जांच दल बुधवार शाम 5.30 बजे कारम डैम पहुंचा था, आधे घंटे अधिकारियों ने डैम के एरिया में घूमकर हालात देखे और जांच पूरी कर रवाना हो गए। जिस डैम को बचाने के लिए पूरी सरकार लग गई।
दिल्ली से लेकर भोपाल तक सरकारों में हलचल मची रही, उसकी डैम के फूटने की जांच महज आधे घंटे में पूरी होने पर लोग इसे नोटंकी की तरह देख रहे है। डैम में तकनीकी खामियां ढूंढने व लापरवाहों की जवाबदेही तय करने के लिए बनाया गया जांच दल अपनी रिपोर्ट सरकार को सौपेंगा। इसके लिए पांच दिन की डेटलाइन रखी गई है। इसके बाद सरकार की तरफ से कार्रवाई देखने को मिलेगी।
ईंट के भट्टे भी बह गए
बांध फूटने के कारण कुम्हार समाज के लोगों को भी नुकसान उठाना पड़ा है। नदी किनारे लगे ईंट के भट्टे भी बह गए। इस कारण लोगों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। लोगों ने बैंकों से ऋण लेकर ईंट का निर्माण किया था, जो डैम के पानी से बह गई। अब ऋण और आजीविका पर संकट है।
ईंट उद्योग इकाई चलाने वाली साधना भगवानदास प्रजापत ने बताया 5 लाख ईंट का स्टॉक था। इसमें ईंट 2.60 लाख ईंट बह गई। 200 डंपर मिट्टी, कोयला, काली राख भी बह गया। करीब 34 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान है।
समाज के पूनम पिता मुन्नालाल का 1.30 लाख, पवन हरिराम बाहेत का 1.90 लाख, मांगीलाल देवीराम प्रजापत का 6.30 लाख, बंशीलाल शिव प्रजापत का 6.40 लाख, गोविंद पिता जगदीश प्रजापत का 3.40 लाख व मुकेश पिता छगन का 1.96 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।
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20 तक शासन को सौपेंगा रिपोर्ट
कारम डैम की जांच के लिए सरकार ने चार लोगों शामिल थे। दल में अध्यक्ष के रूप में जल संसाधन विभाग के अपर सचिव आशीष कुमार थे। साथ ही डॉ. राहुल कुमार जायसवाल, दीपक सातपुते और अनिल सिंह भी शामिल थे। अधिकारियों ने सीधे ही बांध स्थल का मौका मुआयना किया। इस दौरान मीडिया और अन्य लोगों से दूरियां बनाई गई। बांध की मिट्टी के बारे में जानकारी व सैंपल लेने की बात सामने आई है। अब दल सीधे 20 अगस्त तक शासन को रिपोर्ट सौपेंगा।
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आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा
किसानों को भी डैम फूटने के कारण आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। इसके लिए राजस्व विभाग द्वारा नुकसानी सर्वे करवाया जा रहा था, जो पूरा होने आया है। बुधवार शाम तक टीम ने प्रशासन को अपनी रिपोर्ट सौंपी है। इसमें प्रारंभिक तौर पर 25 हेक्टेयर एरिया में नुकसान होने की बात सामने आई है। इसमें किसानों की संख्या और नुकसानी की रकम का आकंलन किया जा रहा है। एसडीएम भूपेंद्रसिंह रावत ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर रकम का आकंलन किया जा रहा है।
Updated on:
18 Aug 2022 12:42 pm
Published on:
18 Aug 2022 12:38 pm
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