
आज कुणाल अनेक विज्ञापनों एवं फिल्मों में काम कर रहे हैं। कुणाल का वेब सिरीज एवं विज्ञापन के प्रति रूझान अधिक है।
राजेंद्र धोका
बदनावर. नगर का होनहार बेटा कुणाल उपाध्याय ग्लेमर की दुनिया मुंबई में अपने क्षेत्र का नाम रोशन कर रहा है। 24 वर्षीय कुणाल को बचपन का यह शौक इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ही थिएटर की ओर ले गया। जीवंत पात्रों के अभिनय देख ऐसा रंग चढ़ा कि इंदौर में थिएटर ही ज्वाइन कर लिया। यहीं से फिल्मी दुनिया में जाने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
आज कुणाल अनेक विज्ञापनों एवं फिल्मों में काम कर रहे हैं। कुणाल का वेब सिरीज एवं विज्ञापन के प्रति रूझान अधिक है। आने वाले समय में कुणाल भोजपुरी फिल्म में भी अभिनय करते नजर आएंगे। कुणाल बताते हैं कि मुंबई में उन्हे पहला मौका छुपा छुप चाकलेट के विज्ञापन में काम करने का मिला। अमीर घरानों के युवक भी इस क्षेत्र में है, जिनके साथ काम कर रहे हैं। पहले तो उनके स्टाइल, तौर तरीके, बातचीत का लहजा देखकर अटपटा लगा, लेकिन जब उनके साथ रहे तो लगा कि पैसा मेटर नहीं करता, जमीन से जुड़े रहना चाहिए। जिन लोगों से यह सीखा, आज वे बेहतरीन मित्र हैं। सीखते रहने की आदत आज काम आ रही है। कुणाल को अजय देवगन जैसी हस्ती के साथ काम करने का अवसर भी मिला।
वह बताते है कि मुंबई फिल्मी दुनिया में काम कन्टीन्युटी बनी रहना चाहिए। इसलिए व्यस्तता बनी रहती है। हालांकि जो समय मिलता है, उसमें किताबें पडऩा एवं एक्टींग से जुड़ी एक्सरसाईज करते हैं। कुणाल के पिता मुकेश उपाध्याय यहां के जाने माने कलाकार हैं। कुणाल अपनी सफलता के लिए माता पिता को ही श्रेेय देते हैं। उनका कहना है कि परिवार ने उनके लिए बहुत कुछ किया अब वे अपने परिवार के लिए सब कुछ करना चाहते हैं। कुणाल का कहना है कि व्यक्ति को जीवन में भाग्य की चिंता नहीं करना चाहिए, मेहनत पर ही फोकस करना चाहिए। सपने ऊंचे होने चाहिए। बनना हो तो बेस्ट बनें। पहाड़ चढऩा है तो चोटी की ही सोचें।
Published on:
02 Feb 2020 12:46 am
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