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MP Election 2023 : 8 लाख से अधिक महिला वोटर, फिर भी महिलाओं को टिकट देने में हमेशा परहेज, क्यों ?

-विधानसभा चुनाव में धार को छोड़ अन्य सीटों पर राजनीतिक दलों ने खड़े किए पुरुष प्रत्याशी -जिले की राजनीतिक इतिहास में अभी तक तीन महिलाएं ही चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंची

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धार

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Astha Awasthi

Oct 25, 2023

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मध्यप्रदेश चुनाव 2023

धार। राजनीति में महिला को आगे लाने और प्रतिनिधित्व की बात हर राजनीतिक दल करता है, लेकिन चुनाव में महिलाओं को टिकट देने में हमेशा परहेज किया है। धार जिले के संदर्भ में यह बात इसलिए जरूरी है कि यहां अभी तक केवल तीन महिलाओं को प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। जो चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंची।

इस बार के विधानसभा चुनाव में धार में भाजपा और कांग्रेस ने महिला उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। जबकि छह सीटों पर पुरुष प्रत्याशियों को टिकट मिला है। जिले में महिला वोटरों की संख्या आठ लाख से अधिक है। एक तरफ संसद में महिला आरक्षण कानून पारित होने के बाद राजनीति में महिलाओं को बराबरी का हक देने की बात पुरजोर तरीके से उठी है। इसी आधार पर लोकसभा, विधानसभा और अन्य चुनावों में महिलाओं को 33 प्रतिशत सीटें देने की शर्त लागू हुई है। किंतु यह दावे बड़े चुनाव में खोखले साबित हुए हैं।

48 प्रतिशत महिला वोटर, फिर भी उपेक्षा

जिले में कुल मतदाताओं की 16 लाख 61 हजार 510 है। इनमें 8 लाख 32 हजार 443 पुरुष मतदाता एवं 8 लाख 29 हजार 13 महिला मतदाता शामिल हैं। कुल मतदाताओं में महिला वोटरों का 48 प्रतिशत है। ऐसी स्थिति में महिला प्रत्याशियों की उपेक्षा कर राजनीति दल कन्नी काटते नजर आ रहे हैं।

66 साल के इतिहास में केवल चार महिलाओं को मौका

जिले में 66 साल के राजनीति इतिहास को उठाकर देखे तो सिर्फ चार ही महिलाओं को चुनाव लडऩे का मौका मिला। सबसे पहला टिकट 1985 में कांग्रेस की ओर से जमुनादेवी को कुक्षी से मिला था और उन्होंने अपने नेतृत्व क्षमता से प्रदेश में छाप छोड़ी। उन्होंने कुक्षी सीट पर छह बार चुनाव लड़ा। इसमें पांच बार जीती और एक बार हार का सामना करना पड़ा। इसी प्रकार भाजपा के टिकट पर रंजना बघेल ने कुक्षी और मनावर में चुनाव लड़ा और जीती। वे 2013 में कैबिनेट मंत्री रही। भाजपा से दूसरा टिकट नीना वर्मा को मिला है, जो धार से तीन मर्तबा विधायक चुनी गई। इस बार उनका मुकाबला कांग्रेस की प्रभासिंह गौतम से हो रहा है।

चार सीटों पर नहीं मिला टिकट

आदिवासी बाहुल्य धार जिले में सात विधानसभा सीटें शामिल हैं। इनमें धार और बदनावर सामान्य सीट के अलावा चार आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित है। अभी तक धार, कुक्षी और मनावर में ही महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ी है। जबकि सरदारपुर, बदनावर, धरमपुरी और गंधवानी में भाजपा और कांगे्रस किसी भी महिला को टिकट देने की हिम्मत नहीं उठा पाए।

जानिए कब मिला महिला प्रत्याशियों को मौका

क्रं. नाम दल विसा क्षेत्र वर्ष

1. जमुनादेवी कांग्रेस कुशी 1985

2. जमुनादेवी कांग्रेस कुक्षी 1990

3. जमुनादेवी कांग्रेस कुशी 1993

4. जमुनादेवी कांग्रेस कुशी 1998

5. जमुनादेवी कांग्रेस 2003

6. जमुनादेवी कांग्रेस पार्टी 2008

7. रंजना बघेल भाजपा कुशी 2008

8. रंजना बघेल भाजपा मनावर 2003

9. रंजना बघेल भाजपा मनावर 2008

10. रंजना बघेल भाजपा मनावर 2013

11. राणबांग्लादेश भाजपा मनावर 2016

12. नीना वर्मा भाजपा धार 2008

13 नीना वर्मा भाजपा धार 2013

14. नीना वर्मा भाजपा धारा 2018

15. प्रभातसिंह गौतम कांग्रेस धार 2018