
मध्यप्रदेश चुनाव 2023
धार। आगामी विधानसभा चुनाव में एक बार फिर निर्दलीय प्रत्याशी ताल ठोक रहे हैं, जो भाजपा और कांग्रेस का गणित भी बिगाड़ सकते हैं। हालांकि जिले का इतिहास रहा है कि यहां हर चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव लड़े तो सही, लेकिन अपनी छाप नहीं छोड़ पाए।
मौजूदा हालात में इसी ओर इशारा कर रहे हैं। असंतुष्ट नेता के साथ ही बसपा, सपा और अन्य पार्टियों के रूप में निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में उतरने को तैयार हैं। राजनीतिक जानकारों की मानें तो यह प्रत्याशी भले ही चुनाव न जीते, किंतु परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं। बहरहाल इन स्थिति में दोनों ही दलों की बेचैनी बढऩे वाली है।
भाजपा-कांग्रेस में सीधी टक्कर
जिले की सात विधानसभा सीटों पर प्रत्यक्ष रूप से भाजपा और कांग्रेस में सीधी टक्कर होती रही है। बदनावर, कुक्षी, गंधवानी, सरदारपुर और धरमपुरी में मुकाबला आमने-सामने का है। जबकि धार और मनावर में टिकट वितरण से उभरे असंतोष की वजह से भाजपा-कांग्रेस के बागी उम्मीदवार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतर सकते हैं।
२०१३ में ४० प्रत्याशी लड़े थे निर्दलीय
चुनाव-दर-चुनाव के बाद निर्दलीयों की संख्या बढ़ती रही है। २०१३ में ४० और २०१८ के इलेक्शन में ३७ (निर्दलीय) प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा। यह बात और है कि अधिकांश अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए।
पिछले दो चुनाव में यह रही तस्वीर- २०१३ २०१८
विधानसभा कुल प्रत्याशी निर्दलीय कुल प्रत्याशी निर्दलीय
सरदारपुर ०६ ०४ ०७ ०५
गंधवानी ०६ ०४ ०६ ०४
कुक्षी ०६ ०४ ०५ ०३
मनावर ०९ ०७ ०५ ०३
धरमपुरी ०५ ०३ ०८ ०६
धार १५ १३ १२ १०
बदनावर ०७ ०५ ०८ ०६
Published on:
24 Oct 2023 11:26 am

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