
योजना में किसी भी प्रकार की ढीलपोल बर्दास्त नहीं की जाएगी
योजना में किसी भी प्रकार की ढीलपोल बर्दास्त नहीं की जाएगी- केश शिल्पी बोर्ड अध्यक्ष वर्मा
-नगर पालिका कार्यालय में केश शिल्पी योजना की प्रगति समीक्षा बैठक ली
धार.
असंगठित क्षेत्र के लोगों के पंजीयन में यदि केश शिल्पी का पंजीयन हो गया है तो भी उसे केश शिल्पी का कार्ड बनाकर दिया जाए। इस योजना में केश शिल्पी को अनुग्रह राशि, अंत्योष्टिी राशि, पट्टा सहित कई योजनाएं है। उन्होंने अधिकारियों का कहा कि आप लोग नगरीय क्षेत्र के आंकड़े ले आए हो, मुझे सूची चाहिए। जैसे मैं आपकी बैठक लेता हूं। ऐसी सीएम हमारी बैठक लेते है। १५ अगस्त से कई नई योजनाओं की घोषणा होने वाली है इसलिए १५ अगस्त के पूर्व ग्राम पंचायतों में केश शिल्पी कार्ड बनाकर दिए जाए। यह बात गुरुवार को केश शिल्पी बोर्ड के अध्यक्ष, राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त नंदकिशोर वर्मा ने धार में बैठक के दौरान जनपद सीईओ मोहनलाल काग से कही।
बोर्ड अध्यक्ष वर्मा ने नगर पालिका कार्यालय में केश शिल्पी योजना की प्रगति समीक्षा बैठक ली। बोर्ड अध्यक्ष वर्मा ने कहा कि गांवों में पंचायत सचिवों को केश शिल्पी योजना के बारे में जानकारी नहीं है। इसके कारण लोग योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे है। पूरे प्रदेश में दौरा कर रहा हूं कही भी एक भी ग्राम पंचायत का मंत्री ऐसा नहीं मिला जिसको मालूम हो योजना के बारे में। ऐसे काम नहीं चलने वाला। गावों में केश शिल्पियों को योजनाओं का लाभ दें, उनके केश शिल्पी कार्ड बनवाए, उन्हें पट्टा दिलवाएं, अब आंकड़े नहीं चाहिए, मुझे केश शिल्पी हितग्राहियों की सूची चाहिए। इस बैठक में नगर पालिका सीएमओ डॉ मधु सक्सेना, लीड बैंक मैनेजर, शहरी आजीविका मिशन के आशीष माथुर, कृष्णकांत खोड़े सहित सेन समाज के पदाधिकारी और शहर के केश शिल्पी मौजूद थे।
हमेशा के लिए कर्जदार नहीं बनाना है।
अध्यक्ष वर्मा ने लीड बैंक मैनेजर से कहा कि केश शिल्पी को ऋण योजना में किश्तों में राशि दी जा रही है। एक राशि में वह कुर्सी खरीद लेता है, दूसरी किश्त का इंतजार करता है, इधर बैंक की किश्ते शुरु हो जाती है, उन्हें एक मुश्त लोन राशि दी जाए। उन्हें ऋण देकर व्यापारिक रूप से खड़ा करना है। हमेशा के लिए कर्जदार नहीं बनाना है। अध्यक्ष वर्मा ने कहा कि कोटेशन फर्में को भी बैंक देखे। केश शिल्प सामान खरीदता है उससे जीएसटी की रकम जोड़कर काट ली जाती है। फर्म का जीएसटी नंबर है या नहीं, फर्म से सामान क्रय करने वाला केश शिल्पी नहीं जानता है। एक व्यक्ति ने कोटेशन दे देकर जीएसटी के नाम पर करीब १० लाख रुपए कमा लिए। बैठक लेने आए अध्यक्ष नंदकिशोर वर्मा ने अधिकारियों से कहा कि पूरे प्रदेश में बैठक ले रहा हूं। इंदौर संभाग में यह मेरी पहली बैठक है। पीथमपुर का रहने वाला हूं। धार हमारे बोस विक्रम वर्मा का इलाका उनसे इजाजत लेकर बैठक लेने आया हूं। मेरे गृह क्षेत्र में केश शिल्पी योजना में किसी भी प्रकार की ढीलपोल बर्दास्त नहीं की जाएगी।
Updated on:
15 Jun 2018 01:25 pm
Published on:
15 Jun 2018 11:45 am
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