
फसलों में दिखा कामलिया कीट का प्रकोप
फसलों में दिखा कामलिया कीट का प्रकोप
- कृषि वैज्ञानिकों ने किया दौरा, किसानों को दिया मार्गदर्शन
पत्रिका एक्सक्लूसिव
सर्वज्ञ पुरोहित
धार.
धार जिले में उमरबन, सरदारपुर, कुक्षी, धरमपुरी, मनावर आदि जगहों पर कामलिया कीट का प्रकोप देखा जा रहा है जिससे खरीफ की फसलो को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इसकी सूचना कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विभाग के अधिकारी भी कीट प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे थे।
धार के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ केएस किराड, फसल वैज्ञानिक डॉ जीएस गाठिये, डॉ. एसएस चौहान, डॉ जेएस राजपूत, कृषि विभाग के सहायक संचालक डीएस मोर्य, विधायक द्वारा किसानों के खेतों का निरीक्षण किया। इसके साथ ही यहां पर कामलिया कीट से आ रहे नुकसान का आंकलन भी किया। इसके साथ ही किसानों को कीट ने नियंत्रण की सलाह भी दी। कृषि विज्ञानिक ने बताया कि जिले में कामलिया कीट का प्रकोप बढता जा रहा है यह कीट जब फसल दो से तीन पत्ती की हो जाती है तब इसका अधिक प्रकोप होता है। इनका प्रकोप पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक देखा गया है। यह सर्वभक्षी कीट है जो प्राय: सोयाबीन, अंडी, तिल, मूंग, उडद, अलसी, सरसो तथा कुछ सब्जियों वाली फसलों को अधिक नुकसान पहुंचाता है। कामलिया कीट का असर उमरबन, सरदारपुर, कुक्षी, धरमपुरी, मनावर क्षेत्रों में ज्यादा देखने को मिल है। यदि अभी इस पर कंट्रोल नहीं किया गया तो काफी नुकसान कर देगा। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ उत्पादन पर भी असर होगा।
झमाझम का इंतजार
जले में इस वर्ष 1 जून से अब तक 256.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। सर्वाधिक वर्षा नालछा में 363.4 मिमी तथा सबसे कम बाग में 126.0 मिमी दर्ज की गई है। इस अवधि में धार में 309.2 मिमी, बदनावर में 158.8 मिमी, सरदारपुर में 276.0 मिमी, कुक्षी में 288.0 मिमी, मनावर में 302.0 मिमी, धरमपुरी में 305.0 मिमी, गंधवानी 257.0 मिमी, तिरला में 280.0 मिमी तथा डही में 157.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। कृषि विभाग के मुताबिक यदि जिले में कहीं पर झमाझम बारिश नहीं हुई है जिसके चलते कामलिया कीट का असर हुआ है। यदि झमाझम बारिश हो जाएगा तो कुछ हद तक कामलिया कीट पर नियंत्रण पाया जा सकता है। वहीं खेता का किसान में जिले में एक झमाझम बारिश का इंतजार कर रहा है।
ये करें उपाय
- किसान इस कीट कीे प्युपा अवस्था में पेड़ों के नजदीक गड्ढे खोद कर इन प्युपा को एकत्रित करके नष्ट कर सकते है।
- कीट की वयस्क अवस्था में इसे नियंत्रित करने के लिए प्रकाश प्रपंच का प्रयोग किया जाता है।
- इसकी लार्वा अवस्था को नष्ट करने के लिए क्विानालफॉस 1.5 लीटर/हेक्टेयर की दर से छिडकांव करे।
- इल्ली के नियंत्रण के लिए इन्डॉक्साकार्ब 14.5 एस.सी. 400 मिली/हेक्टेयर या लेमडा सायहेलोथ्रिन 4.9 इसी 750 मिली/हेक्टेयर 500 लीटर पानी में चिपकों के साथ घोलकर छिड़काव करें।
सलाह दी
हमने वहां का दौरा करके उन्हें कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव करने की सलाह दी है।
- डॉ जीएस गठिये, कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, धार
प्रभाव हुआ है
जिले में उमरबन, सरदारपुर, कुक्षी, धरमपुरी, मनावर क्षेत्र में कामलिया कीट का प्रभाव हुआ है। जिले में झमाझम बारिश होती है तो फसलों को काफी लाभ होगा। इसके साथ ही कीट भी पत्तों से हट जाएगी?
-डीएस मोर्य, सहायक संचालक, कृषि विभाग, धार
Published on:
21 Jul 2018 11:26 am
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