7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गवाहों के बयान दर्ज, भ्रूण हत्या की जांच पूरी

चौधरी नर्सिंग होम पर आज हो सकती है कार्रवाई

2 min read
Google source verification

धार

image

Arjun Richhariya

Apr 09, 2018

Chaudhary Nursing Home can be done today

Chaudhary Nursing Home can be done today

धार.
पिछले दिनों चौधरी नर्सिंग होम में गर्भपात का मामला सामने आया था। मौके पर पहुंचे एसडीएम, सीएमएचओ ने जांच करते हुए भू्रण को कब्जे में लिया और जांच के लिए लैब भेज दिया था। जांच में भ्रूण फिमेल निकला, जबकि एडीएम के साथ एक उच्च स्तरीय दल बना, जिसमें सीएमएचओ डॉ. आरसी पनिका भी शामिल किए गए। साक्ष्य जुटाए, गवाहों के बयान हुए, अस्पताल संचालक से भी पक्ष जाना गया। जांच दल में शामिल डीएचओ डॉ. एके पटेल ने भी चिकित्सकीय पहलू रखा। संभवतया एडीएम डीके नागेंद्र आज मामले की अपनी रिपोर्ट कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत सकते हैं, जहां से सोमवार को चौधरी नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए जा सकते हैं।
बता दें कि जांच के दौरान चौधरी नर्सिंग होम में एक साल में लगभग 300 गर्भपात सामने आए। हालांकि इस मामले में नर्सिंग होम के संचालक डॉ. एके चौधरी का कहना है कि हमने सोनोग्राफी नहीं कि और न ही हमारे यहां किसी प्रकार का गर्भपात हुआ है। इस भ्रूण के बारे में उनका का कहना है कि मरीज को लगातार ब्लिडिंग हो रही थी, जिससे गर्भपात हो गया। इधर मरीज मोना पति रोहित भैंसले का भी यही कहना है कि घर में भैंस के लात मारने से उसे लगातार ब्लिडिंग हो रही थी। इसी कारण वे अस्पताल में भर्ती हुए थे। मरीज ने भी सोनोग्राफी से इंकार किया।


क्या था मामला
22 मार्च को देर शाम कलेक्टर श्रीमन शुक्ला को शिकायत मिली कि चौधरी नर्सिंग होम में गर्भपात हुआ है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तत्काल एसडीएम एसएल सिंघाड़े, तहसीलदार एसआर कनासे, सीएमएचओ डॉ. पनिका आदि को अस्पताल पहुंचाया, जिन्होंने मौके पर एक भ्रूण जब्त किया था। अस्पताल का रिकार्ड भी जब्त किया गाय, वहीं सीसीटीवी फूटेज भी लिए गए। इसके बाद जांच शुरू हुई, जिसकी रिपोर्ट सोमवार को कलेक्टर तक पहुंचेगी।


एमटीपी में है गर्भपात का प्रावधान
डीएचओ डॉ. पटेल की मानें तो एमटीपी(मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) के तहत 3-4 आधार ऐसे हैं, जिसके तहत गर्भपात कराया जा सकता है। जांच के दौरान पेट में यह पता चल जाए कि बच्चे में आनुवांशिकी डिफेक्ट है या महिला के साथ दुष्कर्म हुआ हो और पीडि़ता चाहता हो या फिर अनचाहा गर्भधारण हो गया हो, जैसे पहले वाला बच्चा अभी 6 माह का ही हो और गर्भधारण हो गया तो ऐसे मामलों में गर्भपात कराने की अनुमति है। लेकिन इसके लिए भी डॉक्टरों का विशेष पैनल होना जरूरी है।


प्रतिवेदन तैयार करना है
जांच पूरी हो चुकी है। बस अब प्रतिवेदन तैयार करना है। सोमवार को जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप देंगे।
-डीके नागेंद्र, एडीएम