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‘मुझे घर जाना है’ दर्द से कराहते बार-बार बोल रही हितांशी, फूल सी बच्ची के चेहरे पर 70 टांके

Hitanshi Treatment at an Indore hospital - तीन वर्षीय हितांशी का इंदौर में दो घंटे चला ऑपरेशन हितांशी बार-बार कह रही घर जाना है, बेबस माता-पिता दे रहे दिलासा जैसे-तैसे जुटाई रकम, नली से दिया जा रहा दूध-पानी

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धार

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deepak deewan

Jun 16, 2026

Treatment of Hitanshi from Dhar continues at an Indore hospital

Hitanshi हितांशी- Photo source Patrikacom

Hitanshi - धार की तीन साल की हितांशी के चेहरे पर दर्द की लकीरें हैं। आंखों में घर लौटने की चाहत और होठों पर अधूरी सी शिकायत। चेहरे पर पट्टियां बंधी हैं। ठीक से बोल नहीं पा रही, फिर भी बार-बार कह रही है-'मुझे घर जाना है।' माता-पिता की बेबसी ऐसी है कि वे दिलासा देकर चुप कराते रहते हैं। नालछा क्षेत्र के ग्राम बांग्ला बिलौद में रविवार शाम आवारा कुत्ते के हमले में गंभीर घायल हितांशी पिता रवि जाट का इंदौर के निजी अस्पताल में इलाज जारी है। सोमवार सुबह करीब 2 घंटे ऑपरेशन चला। डॉक्टरों को 70 से ज्यादा टांके लगाने पड़े।

फिलहाल नली के माध्यम से पानी और दूध दे रहे

हितांशी की हालत अभी स्थिर है। डॉक्टर फिलहाल उसे नली के माध्यम से पानी और दूध दे रहे हैं। अभी कुछ दिनों तक उसे अस्पताल में रख सकते हैं। हितांशी की हालत को देखते हुए डॉक्टरों की टीम उसकी लगातार निगरानी कर रही है।

डेढ़ लाख हुए खर्च

इलाज में लाखों रुपए लग रहे हैं। इससे हितांशी के परिवार पर आर्थिक संकट गहरा रहा है। खेती-किसानी करने वाले उसके पिता रवि ने बताया, बोवनी के लिए बचाकर रखी रकम इलाज में खर्च करनी पड़ रही है। इंदौर के वी-वन अस्पताल में हुई प्लास्टिक सर्जरी और इलाज पर डेढ़ लाख से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। भर्ती के दौरान परिवार ने जैसे-तैसे एक लाख रुपए जमा किए। यह राशि भी खेती के लिए रखी थी।

बेटी की हालत देख टूट गए माता-पिता

पिता रवि जाट ने रुंधे गले से बताया कि हितांशी इकलौती संतान है। उसकी हंसी पूरे घर को खुशियों से भर देती है। अब बेटी दर्द से कराह रही है। बच्ची बार-बार घर जाने की जिद कर रही है।

हितांशी के साथ हुई इस घटना के बाद ग्रामीणों ने आवारा कुत्तों के आतंक को लेकर काफी आक्रोश जताया है। क्षेत्र के लोगों ने अभियान चलाकर कुत्तों की धरपकड़ की मांग की है।

बता दें कि आवारा कुत्तों के काटने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त रुख अपना चुका है। इसके लिए देशभर में कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं पर अमल नहीं किया जा रहा है। रोज हजारों लोगों पर कुत्ते हमला कर रहे हैं, मासूम बच्चे उनका शिकार बन रहे हैं।

प्रमुख बिंदु

तीन वर्षीय हितांशी की हालत स्थिर
इंदौर में दो घंटे चला ऑपरेशन
जैसे-तैसे जुटाई रकम
हितांशी के पूरे चेहरे पर पट्टियां बंधी
बार-बार कह रही- घर जाना है
बेबस माता-पिता दे रहे दिलासा
मां पिता की इकलौती संतान