
च्ची को दादी और नानी संभालती रही। अंतिम संस्कार होने के बाद लक्ष्मी की मां अपनी नातिन को घर ले आई।
धार/मांडू. मांडू की एक महिला की अधिक रक्तस्त्राव के कारण मौत का मामला सामने आया है। महिला ने 10 दिन पहले बेटी को जन्म दिया था। रविवार को उसे इंदौर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। परिजन का आरोप है कि तबीयत बिगडऩे के बाद भी अस्पताल स्टॉफ ने ध्यान नहीं दिया। इस कारण महिला की मौत हो गई। रविवार को मांडू में अंतिम संस्कार किया गया। इधर डॉक्टर का कहना है कि महिला को फूड पायजनिंग के कारण इंफेक्शन हुआ। इंफेक्शन के बाद उसे रक्तस्त्राव शुरू हो गया। जिससे उसकी मौत हो गई।
मांडू के वार्ड -6 लंबा तालाब की गर्भवती महिला लक्ष्मी पति प्रकाश(२१) को 3 अप्रैल को मांडू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। मामला क्रिटिकल होने पर 108-एंबुलेंस से लक्ष्मी को धार रेफर किया गया। 3 अप्रैल को लक्ष्मी ने सिजेरियन से बेटी को जन्म दिया। 6 अप्रैल को उसे डिस्चार्ज कर दिया गया।
खून की उल्टी के बाद रक्तस्त्राव
9 अप्रैल को लक्ष्मी को खून की उल्टी हुई। साथ ही रक्तस्त्राव होने लगा। परिजन लक्ष्मी को मांडू के स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर पहुंचे। यहां से लक्ष्मी को धार रेफर किया गया। धार में 2 दिन उपचार के दौरान हालत में सुधार नहीं होने पर इंदौर एमवाय रेफर किया गया।
अस्पताल में अनदेखी
लक्ष्मी के पति प्रकाश का आरोप है कि धार अस्पताल में इलाज में अनदेखी की गई। तबीयत बिगडऩे पर इंदौर जाने को कह दिया। परिजन का आरोप है कि हम जब इंदौर के लिए निकले तो थोड़ी दूर ले जाने पर ही लक्ष्मी की तबीयत ज्यादा बिगडऩे लगी। आधा किमी से ही हमें लौटना पड़ा। एंबुलेंस वापस अस्पताल लेकर आए और डॉक्टर को बुलाया पर आधे घंटे तक कोई नहीं पहुंचा।
फूड पायजनिंग के कारण इंफेक्शन
प्रसूति विभाग के प्रभारी डॉ. सुधीर मोदी ने बताया कि हमारे यहां ही प्रसूति हुई थी। महिला को डिस्चार्ज कर दिया था। घर पर महिला को फूड पायजनिंग हुई। फूड पायजनिंग के कारण महिला को इंफेक्शन हुआ, जिससे रक्तस्त्राव शुरू हो गया था। रक्तस्त्राव और इंफेक्शन के कारण महिला की मौत हुई। हमनें तीन दिन पहले ही इंदौर रेफर किया था। लेकिन परिजन लेकर जाना नहीं चाहते थे।
बेटी के साथ लक्ष्मी खुश थी
परिजनों ने बताया कि बेटी के जन्म के बाद लक्ष्मी खुश थी। उसने परिजन को बच्ची के फोटो और सेल्फी भेजी थी। परिजन ने बताया कि उनकी बहू एक एक्टिव महिला थी और पूरे परिवार का पूरा ख्याल रखती थी। अचानक उसके चले जाने से परिवार में मातम छा गया है।
मां के लिए बिलखती रही बच्ची
बच्ची को दादी और नानी संभालती रही। बच्ची भी नानी की गोद में बिलखती रही। अंतिम संस्कार होने के बाद लक्ष्मी की मां अपनी नातिन को घर ले आई। लक्ष्मी की मां ने बताया कि कुछ समझ नहीं आ रहा है यह सब क्या हो गया। इस बच्ची को देखकर रोना आ जाता है।
Published on:
13 Apr 2020 12:27 am
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