
जानकर हो जायेंगे हैरान
अपनी मधुर वाणी से संयुक्त कर अमृतमय बना डाला है। लगभग 5 हजार साल पूर्व देवी भागवत पुराण में लिखी हुई, कलियुग के संबध में भविष्यवाणियां।
भागवत में कहा गया है-
तद्रसामृततृप्तस्य नान्यत्र स्याद्रतिः क्वचित् ॥
अर्थात- श्रीमद्भाग्वतम् सभी वेदों का सार है। इस रसामृत के पयपान से जो तृप्त हो गया है, उसे किसी अन्य वस्तु में आनन्द आ ही नहीं सकता।
शक्ति , दया भाव और जीवन की अवधि दिन प्रतिदिन घटती जाएगी।
[typography_font:18pt]2- वित्तमेव कलौ नॄणां जन्माचारगुणोदयः ।
[typography_font:18pt]धर्मन्याय व्यवस्थायां कारणं बलमेव हि ॥
[typography_font:18pt;" >अर्थात- कलयुग में वही व्यक्ति गुणी माना जायेगा जिसके पास ज्यादा धन है, न्याय और कानून सिर्फ एक शक्ति के आधार पे होगा।
जाएगी।
लोग पेट भरने के लिए हर तरह के बुरे काम करेंगे।
कभी आंधी तो कभी बाढ़ आएगी और इन्ही परिस्तिथियों से लोग परेशान रहेंगे।
बस स्नान करके समझेंगे की वो अंतरात्मा से शुद्ध हो गए हैं।
एक दूसरे को मारेंगे, काटेंगे।
खाने को मजबूर हो जाएंगे।
Published on:
03 May 2018 05:41 pm
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