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श्री गणेश जी की आरती से पहले इस स्तुति का सामुहिक गान करने से- मनोविकार दूर होते है

श्री गणेश जी की आरती से पहले इस स्तुति का सामुहिक गान करने से- मनोविकार दूर होते है

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Shyam Kishor

Sep 14, 2018

ganesh aarti

श्री गणेश जी की आरती से पहले इस स्तुति का सामुहिक गान करने से- मनोविकार दूर होते है

10 दिनों तक चलने वाले भगवान श्री गणेश जी के जन्‍मोत्‍सव का पर्व गणेश चतुर्थी से प्रारंभ हो गया हैं । सामुहिक पांडालों में या घरों में गणेश की सुंदर सुंदर प्रतिमाओं की स्‍थापना हो चुकि हैं, और चारों ओर लंबोदर महाराज के जयकारों, भजनों और आरतियों की गूंज से भक्तिमय वातावरण हो रहा हैं । गणेश जी की पूजा करने से सभी विघ्नों का नाश होता है, 10 दिनों तक चलने वाली इस गणेश पूजा में आरती, भजन और मंत्रों को गाने का उच्चारण करने से अथाह पुण्य फल की प्राप्ति होती । भगवान श्री गणेश की इन आरतियों को श्रद्धापूर्वक करने से मन में भक्ति और श्रद्धा विश्वास का जागरण होता हैं ।

श्री गणेश जी की आरती शुरू करने से पहले गणेश जी की इस स्तुति का सामुहिक उच्चारन करना चाहिए ।

गणेश स्तुति
गाइये गणपति जगवंदन ।
शंकर सुवन भवानी के नंदन ॥

सिद्धि सदन गजवदन विनायक ।
कृपा सिंधु सुंदर सब लायक ॥
गाइये गणपति जगवंदन ॥

मोदक प्रिय मुद मंगल दाता ।
विद्या बारिधि बुद्धि विधाता ॥
गाइये गणपति जगवंदन ॥

मांगत तुलसीदास कर जोरे ।
बसहिं रामसिय मानस मोरे ॥
गाइये गणपति जगवंदन ॥

गाइये गणपति जगवंदन ।
शंकर सुवन भवानी के नंदन ॥


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श्री गणेश जी की आरती
जय गणेश देवा
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा ।।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा ।।

एकदन्त, दयावन्त, चारभुजाधारी,
माथे पर सिन्दूर सोहे, मूसे की सवारी
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा ।।

पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा,
लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा ।।

अंधन को आँख देत, कोढ़िन को काया,
बाँझन को पुत्र देत, निर्धन को माया
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा ।।

‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा,
माता जाकी पारवती, पिता महादेवा
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ।।


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