हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है गोमती नदी

 हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है गोमती नदी

साथ ही गोमती नदी और उसकी उप नदिया 7500 वर्ग क्षेत्र को लाभान्वित करती है।

लखनऊ. गोमती नदी के तट पर बसी है नवाबों की नगरी। शहरी चकाचौंध के बीच गोमती तट पर कई हरे-भरे मैदान, खेत और पुराने क़स्बे, ऐतिहासिक इमारतें और आलीशान मस्जिद और मन्दिर हैं। आज भी गोमती नदी कई लोगों के आस्था की प्रतीक है। साथ ही गोमती नदी और उसकी उप नदियां 7500 वर्ग क्षेत्र को लाभान्वित करती हैं।

लखनऊ में गोमती के किनारे है ख़ास
अवध अपनी अदा, इतिहास और मीठी जुबां के लिए जाना जाता है। गोमती के किनारों की शक्ल तो बदली पर अंदाज़ आज भी पुराना है। अवध के बादशाहों ने अपने धर्म के साथ साथ हिन्दू धर्म के लिए भी कई धार्मिक इमारतों का निर्माण किया।

गौ घाट, कुड़िआ घाट, मेहदी घाट और बाकी छोटे-बड़े घाटों के पर लोग शाम को ठंडी हवाओं का लुफ्त लेने जाते है। गोमती के किनारे बैकुंठ में एक प्राचीन ग़ुसलखाने के अवशेष हैं। यहां शीश महल स्थित आसिफ़ी कोठी में नवाबों की लाशें नहलाई जाती थीं। बदलते वक़्त ने इस गुसलखाने को भी बर्बाद कर दिया है। नवाब आसिफ-उद-दौला के दौर कि बहुत सी इमारतें वीरान हो गईं।

कुड़िआ घाट पर एक तरफ हिंदू समुदाय के लोग गोमती के किनारे नहाते और पूजा-अर्चना करते हैं तो दूसरी तरफ मस्जिदों से धीमी-धीमी अज़ान की आवाज आती है। कुड़िआ घाट, गऊ घाट के आस-पास भी छोटे मंदिर हैं, जहां धार्मिक कार्य किए जाते हैं। सज्जाद बाग़ के आगे कुछ ही दूर पर अब मेहदी घाट है, जहां शिया मुस्लिम बजरे यानी एक बड़ी नाव पर अपनी 12वें इमाम की सालगिरह का जश्न मनाते हैं।



गोमती का स्रोत्र
पीलीभीत के माधोटान्डा क़स्बा गोमती नदी का स्रोत्र है। माधोटान्डा, पीलीभीत से लगभग 30 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। माधोटांडा के दक्षिण-पश्चिम में एक ताल है जिसे "पन्गैली फुल्हर ताल" या "गोमत ताल" कहा जाता है। इस ताल से गोमती मात्र एक पतली धारा की तरह बहती है।
 
गोमती की यात्रा

माधोटान्डा से लगभग 20 किलोमीटर के सफ़र के बाद इससे एक उप-नदी "गैहाई" मिलती है। मुहमदी से लखनऊ, जो नदी के उद्गम स्थान से 180 मील की दूरी पर है, तक नदी की चौड़ाई 100 फुट से 120 फुट तक है। यहां इसमें कई उप नदियां जैसे सुखेता, छोहा तथा आंध्र छोहा मिलती हैं। इसके बाद यह एक पूर्ण नदी का रूप ले लेती है।

गोमती नदी 900  किमी के सफ़र के पश्चात लखीमपुर खीरी जनपद की मोहम्मदी खीरी तहसील पहुंचती है। लखनऊ से आगे बढ़ने पर नदी बाराबंकी, सुल्तानपुर तथा जौनपुर ज़िलों से होकर बहती है। यहां चौड़ाई 200 फुट से 600 फुट तक हो जाती है।

 गोमती और गंगा के संगम में प्रसिद्ध मार्कण्डेय महादेव मंदिर स्थित है। लखनऊ, लखीमपुर खीरी, सुल्तानपुर और जौनपुर शहर गोमती के किनारे पर स्थित 15 शहर में से सबसे प्रमुख हैं। नदी जौनपुर शहर के पास सैदपुर में गंगा में मिल जाती है और दो बराबर भागों मे विभाजित हो जाती है।


 

गोमती का धार्मिक कनेक्शन
  • पुराणों के अनुसार गोमती ब्रह्मर्षि वशिष्ठ की पुत्री है तथा एकादशी को इस नदी में स्नान करने से संपूर्ण पाप धुल जाते हैं। हिन्दू ग्रन्थ श्रीमद्भागवत गीता के अनुसार गोमती भारत की उन पवित्र नदियों में से है जो मोक्ष प्राप्ति का मार्ग हैं।
  • श्रीकृष्ण के अग्रज बलराम ने अपने अपराध का प्रायश्चित किया।
  • किस प्रकार भारशिवों ने श्रीहर्ष की धम्म सभा में उपद्रव करने के बाद नदी को पार करके उत्तरांचल की ओर प्रस्थान किया था। श्रीहर्ष की सेनाएं नदी के तट पर आकर उनकी खोज में काफी समय भटकती रह गयी थीं। राजा जयचन्द ने प्रसिद्ध वीर आल्हा- ऊदल को पासी और भारशिवों का दमन करने के लिए यहां भेजा था।
  • मुगल अकबर ने यहां पर वाजिपेय यज्ञ कराने के लिए एक लाख रुपये यहां के ब्राह्मणों को दिये और गोमती का तट यजुर्वेद की ऋचाओं से गूंज उठा। इसके बाद अपनी विभेद कारी नीति के तहत विप्रों की मर्यादा आंकी गयी। इसी काल में संत शिरोमणि गोस्वामी तुलसी दास ने अपनी प्रिय नदी धेनुमती के जल से मार्जन किया था।
  • पौराणिक युग में यह विश्वास था कि वाराणसी क्षेत्र की सीमा गोमती से बरना तक थी। वाराणसी में पहुंचने के पहले गोमती का पाट सई नदी के मिलने से बढ़ जाता है।
  • कार्तिक मास के मौके पर मोहम्मदी तहसील में गोमती के ईमलीघाट, गोमती मोड पुल घाट, मरी घाट आदि घाटों पर एकदिवसीय मेला लगता है। यह गंगास्नान जैसे पवित्र त्यौहार पर प्रत्येक वर्ष लगता है। कार्तिक मास में गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है। उत्तर दिशा की ओर स्थित गोमती नदी के ईमली घाट, गोमती मोड पुल घाट, मरी घाट आदि तमाम घाटों पर हजारों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगते है ।



खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned