26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

इस दिन पढ़ लें इनमें से कोई भी एक मंत्र, सालों पुराने कर्ज से इतने दिन में मिल जायेगी मुक्ति

इस दिन पढ़ लें इनमें से कोई भी एक मंत्र, सालों पुराने कर्ज से इतने दिन में मिल जायेगी मुक्ति
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

Shyam Kishor

•

Updated: 30 Mar 2019, 11:51 AM IST

karz mukti

इस दिन पढ़ लें इनमें से कोई भी एक मंत्र, सालों पुराने कर्ज से इतने दिन में मिल जायेगी मुक्ति

अगर आप पर किसी का रूपया पैसा उपाय उधार हो और उसे चुकाने में असमर्थ हो तो परेशान होने की जरूरत नहीं, श्री शिव महापुराण में कर्ज से मुक्ति पाने के लिए कुछ ऐसे शक्तिशाली मंत्र दिये गये हैं जिन्हें इस दिन शिवजी का ध्यान करते हुए इतनी संख्या में जपा जाये तो जप करने के दिने से इतने दिनों में ही कर्ज से हमेशा के लिए मुक्त हो जाता हैं । उसकी धन आय के साधनों में शिवजी की कृपा में एक दम से वृद्धि होने लगती है । जाने कर्ज मुक्ति मंत्र को किस दिन जपना चाहिए पूरा विधान ।

किसी भी शुक्ल पक्ष के सोमवार के दिन से लेकर लगातार 9 दिनों तक सुबह 5 बजे से 7 बजे के बीच में किसी शिव मंदिर या फिर अपने घर के पूजा स्थल में ही लाल या सफेद कंबल का आसन पर बैठकर नीचे दिये गये सभी मंत्रों को या किसी एक मंत्र का जप हर दिन 1100 बार करना हैं । जप के समय आपका मुख पूर्व दिशा में होना चाहिए । जप के समय गाय के घी का दीपक जलते रहना चाहिए । मंत्र जप करते समय शिवजी से कर्ज से मुक्ति की प्रार्थना करते रहे ।

इन मंत्रों में से किसी एक मंत्र सुविधानुसार 9 दिनों तक श्रद्धा पूर्वक रूद्राक्ष की माला से करने पर लगभग 60 दिनों में आप शिव कृपा से कर्ज मुक्त हो सकते है । प्रसाय करें जप के दिनों में तामसिक भोजन न करें, मांस मदिरा का सेवन बिलकुल भी नहीं करें, अन्यथा मंत्र जप का लाभ नहीं मिलेगा ।


1- ॐ शिवाय नम: ।। 2- ॐ सर्वात्मने नम: ।।
3- ॐ त्रिनेत्राय नम: ।। 4- ॐ हराय नम: ।।
5- ॐ इन्द्र्मुखाय नम: ।। 6- ॐ श्रीकंठाय नम: ।।
7- ॐ सद्योजाताय नम: ।। 8- ॐ वामदेवाय नमः ।।
9- ॐ अघोरह्र्द्याय नम: ।। 10- ॐ तत्पुरुषाय नम: ।।
11- ॐ ईशानाय नम: ।। 12- ॐ अनंतधर्माय नम: ।।
13- ॐ ज्ञानभूताय नम: ।। 14- ॐ अनंतवैराग्यसिंघाय नम: ।।
15- ॐ प्रधानाय नम: ।। 16- ॐ व्योमात्मने नम: ।।
17- ॐ युक्तकेशात्मरूपाय नम: ।।

**************

बड़ी खबरें

View All

धर्म-कर्म

धर्म/ज्योतिष

ट्रेंडिंग