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Maa Tripur Sundari Puja 2025: माघ गुप्त नवरात्रि के तीसरे दिन इस देवी की होगी पूजा, जानिए पूजा की विधि और महत्व

Maa Tripur Sundari Puja 2025: गुप्त नवरात्रि उन साधकों के लिए अधिक महत्वपूर्ण हैं, जो तंत्र, मंत्र, और सिद्धि की उपासना करते हैं। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों के साथ-साथ दस महाविद्याओं की पूजा भी की जाती है।
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जयपुर

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Sachin Kumar

•

Updated: 31 Jan 2025, 2:58 PM IST

Maa Tripur Sundari Puja 2025

मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा

Maa Tripur Sundari Puja 2025:गुप्त नवरात्रि का तीसरा दिन मां त्रिपुर सुंदरी को समर्पित है। इस शुभ दिन पर मां के भक्त इनकी विधि विधान से उपासना करते हैं। यह नवरात्रि तंत्र-मंत्र की साधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। देवी त्रिपुरसुंदरी दस महाविद्याओं में से एक हैं और इनकी आराधना से साधक को दिव्य शक्ति की प्राप्ति होती है।

मां त्रिपुर संदरी की पूजा का महत्व

मां त्रिपुरसुंदरी को श्री विद्या उपासना की प्रमुख देवी माना जाता है। वे सौंदर्य, ऐश्वर्य और आध्यात्मिक ज्ञान की देवी हैं। इनका स्वरूप अत्यंत मनमोहक और सौम्य होता है। त्रिपुर सुंदरी देवी को राजराजेश्वरी और ललिता देवी के नाम से भी जाना जाता है। वे ब्रह्मांड की अधिष्ठात्री देवी हैं और उनकी कृपा से साधक को आत्मज्ञान एवं अद्वितीय शक्ति प्राप्त होती है। इस दिन की गई साधना से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती

इस विधि से करें मां की पूजा

मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा करने वाले जातक को सुबह जल्दी उठकर नित्य क्रियाओं से निवृत्त होकर स्वच्छ जल में गंगा जल मिलाकर स्नान करें। इसके बाद साधारण साफ वस्त्रधारण कर मां के व्रत का संकल्प लें।


घर के पूजा स्थल के पास विधिपूर्वक कलश की स्थापना करें और उसमें स्वच्छ जल भरें जिसमें थोड़ा सा पवित्र गंगा जल मिलाएं। इसके साथ ही कलश के मुंह पर आम के पत्ते रखें।


मां की पूजा शुरू करने से पहले पूजा स्थल पर मां त्रिपुर सुंदरी की प्रतिमा या चित्र जरुर लगाएं। क्योंकि ऐसा करने से आपको मां का ध्यान करने और उनको भोग अर्पित करने में आसानी होगी।

मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा में इस मंत्र का करें जाप

मां की पूजा के लिए एक थाल में पूरी सामग्री रख लें। मां की प्रतिमा के सामने दीप-दान और भोग लगाने के बाद एक आसन बिछाकर बैठें। इसके बाद मां के इस मंत्र ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरी नमः का 108 बार जाप करें।

इसे साथ ही त्रिपुर सुंदरी चालीसा या श्री सूक्त का पाठ करें अगर आप पाठ नहीं कर सकते तो किसी प्रोत से पाठ कराएं और कथा को ध्यान से सुनें। सबसे आखिरी में आरती करें और परिवार के सभी सदस्यों को प्रसाद वितरित करें।

तांत्रिक साधना का महत्व

माघ गुप्त नवरात्रि में की गई तांत्रिक साधना विशेष फलदायी होती है। साधक इस दौरान श्री विद्या साधना, महाकाली साधना, बगलामुखी साधना आदि करके सिद्धि प्राप्त कर सकते हैं। मां त्रिपुरसुंदरी की कृपा से गुप्त विद्या और आध्यात्मिक शक्तियों की प्राप्ति होती है।

माघ गुप्त नवरात्रि का तीसरा दिन मां त्रिपुरसुंदरी की आराधना के लिए अत्यंत शुभ होता है। इस दिन सच्चे मन से मां की पूजा करने से हर प्रकार की समस्याओं का समाधान मिलता है और जीवन में सफलता प्राप्त होती है।

यह भी पढ़ें: माघ गुप्त नवरात्रि में जरूर पढ़ें ये कथा, जानिए इसका महात्म्य

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियां पूर्णतया सत्य हैं या सटीक हैं, इसका www.patrika.com दावा नहीं करता है। इन्हें अपनाने या इसको लेकर किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले इस क्षेत्र के किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

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