
mahashivratri 2021 kab hai mahashivratri 2021 date shivratri 2021
जयपुर. महाशिवरात्रि— यानि शिवभक्तों के लिए सबसे बड़ा दिन। इस दिन व्रत रखकर शिव पूजा का विशेष महत्व होता है। शिवरात्रि पर शिवलिंग की पूजा की जाती है। शिवलिंग पर जल अर्पित करने के साथ ही बिल्वपत्र और धतूरा आदि चढ़ाए जाते हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि यह शिव और शक्ति के मिलन का दिन है. मान्यता है कि इसी दिन शिवजी और देवी पार्वती का विवाह हुआ था।
यही कारण है कि महाशिवरात्रि पर शिवजी के साथ ही देवी पार्वती की भी विशेष पूजा का विधान है। इस दिन शिवलिंग पर तांबे के लोटे से जल चढ़ाना चाहिए। मानसिक अशांति दूर करने के लिए शिवलिंग पर चांदी के बर्तन से दूध चढ़ाना चाहिए। शिवलिंग पर बिल्वपत्र, धतूरा के साथ ही आंकड़े के फूल भी चढ़ाना चाहिए। पूजा के बाद ओंकार मंत्र ऊँ नम: शिवाय का जाप जरूर करना चाहिए।
इस बार महाशिवरात्रि 11 मार्च 2021 यानि गुरुवार को मनाई जाएगी। चतुर्दशी तिथि 11 मार्च को दोपहर 2 बजकर 39 मिनट से प्रारंभ होगी और अगले दिन 12 मार्च को दोपहर 3 बजे बजकर कर 2 मिनट तक रहेगी। जैसा कि नाम से स्पष्ट है कि महाशिवरात्रि पर्व में रात्रि का महत्व है। इसी वजह से 11 मार्च को महाशिवरात्रि पर्व मनाना शास्त्र सम्मत और श्रेयस्कर रहेगा।
महाशिवरात्रि पर इस साल अनेक शुभ संयोग बन रहे हैं। ज्योतिषाचार्य एमकुमार शर्मा बताते हैं कि शिवरात्रि के दिन मन के कारक चंद्र देव और व्यापार व बुद्धि के कारक बुध देव राशि परिर्वतन करेंगे। 11 मार्च को पहले चंद्रमा का राशि परिर्वतन होगा। चंद्रदेव सुबह 9.45 बजे मकर से कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। इसके कुछ देर बाद सुबह 11.30 बजे बुध देव मकर से कुंभ राशि में आएंगे।
कुंभ में बुध, चंद्र के मिलन के साथ ही शिवरात्रि पर कई शुभ योग भी बनेंगे। गुरुवार को धनिष्ठा नक्षत्र होने से इस बार शिवरात्रि पर श्रीवत्स नाम का शुभ योग बन रहा है। इसके अलावा सुबह 09 बजकर 22 मिनट तक शिवयोग रहेगा जोकि बेहद कल्याणकारी होता है। शिवयोग के बाद सिद्धयोग प्रारम्भ हो जाएगा जोकि सभी कार्यों में सिद्धि दिलाने वाला होता है। इन शुभ योगों ने महाशिवरात्रि की महत्ता बढ़ा दी है।
Published on:
09 Mar 2021 12:40 pm
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