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उपधान तप पूर्ण होने पर तपस्वी का वरघोड़ा निकाला

महिलाओं ने किया स्वागत

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उपधान तप पूर्ण होने पर तपस्वी का वरघोड़ा निकाला

उपधान तप पूर्ण होने पर तपस्वी का वरघोड़ा निकाला

मैसूरु. राजस्थान जैन समाज के तत्वावधान में कुमारी शिवानी क्षत्रिय वोहरा के उपधान तप सम्पन्न कर मैसूरु पहुंचने पर वरघोड़ा निकाला गया। सुमतिनाथ दादा, गुरु सुविधिनाथ दादा व राजेन्द्रसूरी गुरु मंदिर में दर्शन वंदन किए। गुरु मंदिर से वरघोड़ा महावीर स्वामी के व तपस्वी के जयकारों के साथ तथा मैसूरु महल की विक्टोरिया बग्घी में बैठकर रवाना हुआ। यह हल्लतकेरी, राजेन्द्रसूरी मार्ग होते हुए महावीर नगर पहुंचा। वरघोड़ा में राजेंद्रसूरी सरगम मंडल ने मधुर स्वर लहरियां बिखेरी। तपस्वी का पुष्पवर्षा कर अक्षत वार कर महिलाओं ने मंगल गीत गाते हुए स्वागत किया। गुरु राजेन्द्रसूरी की तस्वीर पर पुष्पहार पहनाकर दीप प्रज्ज्वलित किया गया। बाद में तपस्वी ने जैन धर्म में उपधान तप की महत्ता बताते हुए कहा कि तप से अपने जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है। बाद में तपस्वी का विभिन्न संघ समाज की ओर से बहुमान किया गया। इस अवसर पर पाश्र्व पद्मावती ट्रस्ट के अध्यक्ष दलीचंद श्रीश्रीमाल व रॉयल ग्रुप के अध्यक्ष हंसराज पगारिया ने तपस्वी का शॉल ओढ़ाकर पुष्पहार द्वारा बहुमान कर स्मृति चिन्ह भेंट किया। सुविधिनाथ राजेन्द्रसूरी ट्रस्ट के अध्यक्ष शांतिलाल हरण, सुमतिनाथ जैन संघ के ट्रस्टी हंसराज पगारिया, महावीर जिनालय के अध्यक्ष कांतिलाल पोरवाल, चंपालाल वाणीगोता, ममता ग्रुप के चेयरमैन माणकचंद क्षत्रिय वोहरा, अशोक, महेन्द्र, महावीर, विनोद, ललित, विक्रम, अरविंद, श्रीपाल, बंटी, आइरन, भावेश क्षत्रिय वोहरा, राहुल श्रीश्रीमाल, पिन्टू बंदामूथा, कमलेश झोटा, रॉयल ग्रुप के चेयरमैन कैलाश भंडारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। ट्रस्टी हंसराज पगारिया ने बताया कि उपधान तप की प्रक्रिया 45 दिन की गुजरात में शंखेश्वर पाश्र्वनाथ जैन तीर्थ में जयानंदसूरी महाराज के निश्रा में की गई।