
अगर आप गुरुवार को करते हैं साई पूजा तो, इन बातों का रखें ध्यान, हो जायेगी मनोकामना पूरी
साई भक्त गुरुवार के दिन विशेष कर साई बाबा की पूजा आराधना सबसे ज्यादा करते हैं। अगर इस दिन कुछ नियमों का ध्यान रखते हुये भगवान साई नाथ की कृपा पाने के लिए व्रत रखकर श्रद्धा भाव से शरण में जाकर पूजा करें तो साई बाबा उनकी सभी मनोकामना पूरी कर देते है।
गुरुवार की साई पूजा में इन नियमों का पालन जरूर करें-
1- साईं भक्तों को प्रेमपूर्वक तथा श्रद्धा से साईंबाबा का व्रत रखना चाहिए।
2- दूसरों के प्रति मन में वैर भाव रखने से कभी भी साईं की कृपा नहीं हो सकती।
3- साई व्रत सभी स्त्री-पुरुष यहां तक कि बच्चे भी रख सकते है।
4- व्रत को शुरू करते समय 5, 7, 11 अथवा 21 गुरुवार की मन्नत रखनी चाहिए।
5- स्मरण रखें कि व्रत के दौरान भूखे न रहें। फलाहार करके यह व्रत किया जा सकता है। भोजन मीठा, नमकीन कैसा भी किया जा सकता है।
6- माने गए प्रत्येक गुरुवार को विधिपूर्वक व्रत रखने से इच्छित फल की प्राप्ति होती है।
7- यह व्रत किसी भी गुरुवार को बाबा की प्रतिमा या चित्र के समक्ष ‘धूप-अगरबत्ती’ कर शुरू किया जा सकता है।
8- जिस कार्य-सिद्धि के लिए व्रत कर रहे हों, उसके लिए बाबा से मन ही मन पवित्र हृदय से प्रार्थना करें।
9- यदि व्रत के दौरान किसी गुरुवार आप यात्रा पर या बाहर (निवास शहर या गांव के) हो तो उस गुरुवार को छोड़कर उसके बाद के गुरुवार को व्रत करें।
10- यदि किसी कारणवश किसी गुरुवार को व्रत न कर पाएं तो उस गुरुवार को गिनती में न लेते हुए मन में किसी प्रकार की शंका न रखते हुए अगले गुरुवार से व्रत जारी रखें एवं माने हुए गुरुवार पूरे कर व्रत का उद्यापन करें।
11- मन्नत के गुरुवार पूरे होने पर व्रत का उद्यापन करना चाहिए। इस दिन कुछ गरीबों को भोजन कराना चाहिए एवं पशु-पक्षियों को भोजन डालना चाहिए।
12- व्रत करने वाले को जो सुख-शांति व लाभ प्राप्त होगा, उसमें और वृद्धि करने तथा इच्छित मनोकामना को परिपूर्ण करने हेतु व्रतधारी को चाहिए कि वह अपने स्नेहीजनों को भी इस व्रत का माहात्म्य समझाएं।
13- साईंबाबा के निमित्त गुरुवार व्रत रखने से- 1. पुत्र प्राप्ति 2. कार्य सिद्धि 3. वर प्राप्ति 4. वधू प्राप्ति 5. खोया धन मिले 6. जमीन-जायदाद मिले 7. धन मिले 8. साईं दर्शन 9. शांति 10. शत्रु शांत हों 11. व्यापार में वृद्धि 12. परीक्षा में सफलता 13. निसंतान को भी संतान प्राप्ति 14. रोग निवारण 15. कार्य सिद्धि एवं मनोकामना पूर्ति इत्यादि लाभ होते है।
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Published on:
24 Apr 2019 05:56 pm
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