
संकष्टी चतुर्थी : इस विशेष पूजा से प्रसन्न हो जाते हैं श्री गणेश, करते हैं हर कामना पूरी
ऐसी मान्यता है कि संकष्टी चतुर्थी के दिन की गई गणेश पूजा का फल शीघ्र मिलता है। संकष्टी चतुर्थी को भगवान श्रीगणेश जी के पूजन और व्रत करने का बहुत ही महत्वपूर्ण दिन माना गया है। कहा जाता है कि संकष्टी चतुर्थी को विशेष गणेश पूजा करने से अनेक कामनाएं पूरी होने लगती है, इसलिए जानकार लोग इस उपवास रखरकर विशेष पूजा कर प्रार्थना करते हैं। अक्टूबर माह में संकष्टी चतुर्थी 17 अक्टूबर को गुरुवार के दिन है।
वैसे तो संकष्टी चतुर्थी का व्रत और पूजन हर महीने में होता है लेकिन कार्तिक मास कष्ण पक्ष की संकष्टी चतुर्थी को शास्त्र के जानकार बहुत ही शुभ फलदायी बताते हैं। इस दिन उपवास रखकर भगवान श्रीगणेश की विशेष पूजा आराधना करने से वे शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं और अपने भक्त की सभी मनोकामना पूरी कर देते हैं।
संकष्टी चतुर्थी 17 अक्टूबर को ऐसे करे श्रीगणेश का विशेष पूजन
1- संकष्टी चतुर्थी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर गंगाजल मिले जल से स्नान करना चाहिए।
2- उत्तर दिशा की ओर मुंह करके भगवान श्रीगणेश की पूजा कर उन्हें शुद्धजल अर्पित करना चाहिए।
3- इस दिन व्रत रखने से विशेष कृपा करते हैं गणेशजी।
4- भगवान श्री गणेश के बीज मंत्रों का जप भी करना चाहिए।
5- जप और पूजन करने के बाद जल में तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए।
6- इस दिन शाम के समय भी विधिवत् गणेश जी की पूजन करना चाहिए।
7- इस दिन गणेश जी को दुर्वा भी अर्पित करना चाहिए, ऐसा करने से व्यक्ति के धन-सम्मान में वृद्धि होती है।
8- इस दिन गणेश जी को तुलसी भूलकर भी नहीं चढ़ाना चाहिए।
9- संकष्टी चतुर्थी के दिन तिल के लड्डुओं का भोग लगाने से भगवान गणेश जी प्रसन्न हो जाते हैं।
10- संकष्टी चतुर्थी के दिन शाम को चन्द्रमा को अर्घ्य देना चाहिए।
11- इस दिन उपवास रखने वाले लोग कंद-मूल जैसे- मूली, प्याज, गाजर और चुकंदर का सेवन भूलकर भी नहीं करें।
13- संकष्टी चतुर्थी का उपवास तिल के लड्डू या तिल खाकर खोलना चाहिए।
उपरोक्त विधि से पूजन करने पर प्रसन्न हो जाते हैं, विघ्नहर्ता भगवान श्रीगणेश।
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Published on:
16 Oct 2019 01:08 pm
