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सावन मास का समापन, सावन पूर्णिमा पर ऐसे करें शिवजी का महारूद्राअभिषेक

सावन मास की पूर्णिमा पर ऐसे करें शिवजी का अभिषेक

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Shyam Kishor

Aug 21, 2018

savana mah purnima

सावन मास का समापन, सावन पूर्णिमा पर ऐसे करें शिवजी का महारूद्राअभिषेक

शिव भक्तों ने पूरे सावन माह भगवान आशुतोष को प्रसन्न करने के लिए अनेक प्रकार से उनकी आराधना की । वैसे तो भगवान शिव को प्रसन्न करने हर दिन ही शिव पूजा अपने अपने तरीके से करते ही लेकिन सावन माह में की गई पूजा का आपना विशेष महत्व होता है, और उसमें भी सावन मास की पूर्णिमा तिथि को किया गया अभिषेक सभी कामनाओं की पूर्ति करने वाला कहा गया हैं । कहा गया हैं अगर किसी कारण वश सावन के 30 दिनों या सोमवारों में शिव पूजन नहीं कर पाये अगर वे भी सावन मास के अंतिम दिन सावन पूर्णिमा को इस विधि से शिवजी का महारूद्राअभिषेक करने से अनंत पुण्य फल की प्राप्ति हो जाती हैं ।


सावन मास की पूर्णिमा पर भगवान शिव शंकर के पंचाक्षरी मंत्र एवं महामृत्युंजय मंत्र का उच्चारण करते हुए इन पदार्थों से शिवजी का महारूद्राअभिषेक करें ।
मंत्र

।। ॐ नमः शिवाय ।।

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ।।

1- पंचामृत
पंचामृतसे शिव ***** का अभिषेक करने पर हर प्रकार के कष्टों का निवारण होगा ।
2- दूध
गाय के दूध से रुद्राभिषेक करने से मनुष्य को यश और लक्ष्मी की प्राप्ति होने के साथ घर में खुशहाली आती है एवं घर से हर प्रकार के कलह एवं कलेश दूर होते हैं ।
3- गंगाजल
भगवान शंकर को गंगा जल परम प्रिय है, इसी कारण गंगा को भगवान शिव ने अपनी जटाओं में धारण कर रखा है ।
4- देसी घी
गाय के शुद्घ देसी घी से अभिषेक करने पर मनुष्य दीर्घायु को प्राप्त करता है तथा वंश की वृद्घि होती है ।
5- गन्ने का रस
गन्ने के रस से अभिषेक करने पर घर में लक्ष्मी का सदा वास रहता है तथा किसी वस्तु की कभी कोई कमी नहीं रहती ।
6- सरसों का तेल
सरसों के तेल के साथ रुद्राभिषेक करने पर शत्रुओं का नाश होता है तथा स्वयं को हर क्षेत्र में विजय की प्राप्ति होती है ।
7- सुंगधित तेल-
सुंगधित तेल चढ़ाने से भोगों की प्राप्ति होती है ।
8- शहद
शहद से अभिषेक करने पर हर प्रकार के रोगों का निवारण होता है तथा यदि पहले ही कोई रोग लगा हो तो उससे छुटकारा भी मिलता है ।
9- मक्खन- मक्खन से अभिषेक करने पर अति उत्तम संतान सुख की प्राप्ति होती है ।
10- धतूरा
धतूरे के एक लाख फूलों से निरंतर अभिषेक करने पर शुभ फलों की प्राप्ति होती है परंतु लाल डंठल वाले धतूरे से पूजन करना अति उत्तम माना गया है तथा उसे संतान सुख मिलता है ।
11- बेल पत्र
घर में सुख-समृद्धि, पत्नी सुख के लिए 40 दिन तक निरंतर भक्ति भाव से बेल पत्र से भगवान का अभिषेक करना चाहिए अथवा एक दिन 108 बेलपत्र ऊँ नम:शिवाय’ मंत्र के उच्चारण के साथ चढ़ाए जाने चाहिए ।
12- चमेली के फूल-
चमेली के फूलों से पूजन करने पर वाहन सुख की प्राप्ति होती है ।
13- कमल पुष्प और शंख पुष्प
इन दोनों फूलों से भगवान का पूजन करने वालों को लक्ष्मी यानि धन दौलत की प्राप्ति होती है । भगवान को नीलकमल और लाल कमल अति प्रिय हैं ।
14- इसके अतिरिक्त शुद्द जल एवं धरती पर पैदा होने वाले सभी सुगंधित फूलों से भगवान शिव का पूजन किया जा सकता है ।
15 हरसिंगार के फूल
इससे भगवान शिव का पूजन करने पर घर में सुख-सम्पत्ति की प्राप्ति होती है ।
16- गेंहू के पकवान
गेहूं के पकवानों से भगवान का पूजन करने पर उत्तम फल की प्राप्ति होती है तथा वंश वृद्घि होती है ।


सावन पूर्णिमा के दिन शिव पूजा करते समय इन बातों का ध्यान अवश्य रखें ।

1- शिवजी पर हल्दी, कुमकुम, लाल फूल, टेसू के फूल, सड़े-गले फल, मिठाई न चढ़ाएं ।
2- शिवलिंग पर चढ़ाया गया प्रसाद कभी ना खाएं ।
3- नौकरी व्यापार और तरक्की के लिए एक तांबे का लोटा दूध, जल, सफ़ेद फूल और चावल, गुलाब का फूल, धतूरा और बेल पत्र चढ़ाएं ।
- शिवजी पर कपूर लौंग का भस्म और रुद्राक्ष अर्पित करें ।