
Shani Pradosh Vrat Upay: हिंदू धर्म में शनि प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। इस व्रत की महिमा का वर्णन शिवपुराण में विस्तार से किया गया है। इस दिन भगवान शिव और शनिदेवकी उपासना की जाती है। यह व्रत हर माह की त्रियोदशी तिथि को रखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि पूर्वक व्रत और पूजा करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। साथ ही आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। आइए जानते हैं कैसे करें पूजा?
शिवलिंग का अभिषेक करें: इस दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग पर जल, दूध, शहद और गंगाजल चढ़ाएं। साथ ही ॐ नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जाप करें।
शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाएं: शनिदेव की कृपा पाने के लिए सरसों का तेल और काले तिल का दान करें। इससे शनि दोष शांत होता है और आर्थिक परेशानियां कम होती हैं।
गरीबों को भोजन और दान दें: शनि प्रदोष के दिन गरीबों को भोजन कराना और वस्त्र दान करना बहुत शुभ माना जाता है। यह आपकी किस्मत को चमकाने में मदद करेगा।
सूर्यास्त के समय दीपक जलाएं: सूर्यास्त के समय भगवान शिव और शनिदेव के मंदिर में दीपक जलाएं। इससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और धन लाभ के योग बनते हैं। घर में धन संपदा का आगमन होता है।
काले रंग का परिधान पहनें: इस दिन काले कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। यह शनि ग्रह के प्रभाव को मजबूत करता है।
शनि प्रदोष व्रत हर महीने त्रयोदशी तिथि को आता है। इस व्रत में व्रतधारी को पूरी श्रद्धा के साथ दिनभर उपवास रखना चाहिए और भगवान शिव व शनिदेव की आराधना करनी चाहिए। इससे जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और धन-धान्य की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही दोनों देव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। जिससे सभी संकटों से छुटकारा मिलता है।
साल 2025 का पहला शनि प्रदोष व्रत 11 जनवरी को मनाया जाएगा। यह व्रत शनिवार के दिन रखा जाएगा। यही कारण है कि इसे शनि प्रदोष व्रत कहा जा रहा है। 11 जनवरी को त्रियोदशी तिथि सुबह 8 बजकर 22 मिनट पर शुरु होगी और अगले दिन 12 जनवरी की सुबह 6 बजकर 33 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। इसलिए यह शनि प्रदोष व्रत 11 जनवरी को रखा जाएगा।
डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियां पूर्णतया सत्य हैं या सटीक हैं, इसका www.patrika.com दावा नहीं करता है। इन्हें अपनाने या इसको लेकर किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले इस क्षेत्र के किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
Published on:
10 Jan 2025 11:18 am
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