
शनिवार का दिन न्यायाधिश शनिदेव का दिन माना जाता है। इस दिन उनकी पूजा, व्रत, उपवास करके उन्हें प्रसन्न किया जाता है। क्योंकि ज्योतिष के अनुसार शनिदेव एकमात्र ऐसे ग्रह हैं जो की व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। जो भी व्यक्ति शनिवार के दिन शनि देव की सच्चे मन से पूजा-पाठ करता है उस पर शनिदेव जल्दी मेहरबान हो जाते हैं। पंडित रमाकांत मिश्रा बताते हैं की जिन जातकों की कुंडली में शनिदेव गलत स्थान पर या शनिदोष उत्पनन कर रहे हो तो ऐसे जातक को अवश्य ही ये उपाय करना चाहिए। इसके साथ ही जिन जातकों को शनि की साढ़ेसाती और शनि की ढैय्या चल रही है उन सभी जातकों को शनिवार के दिन पूजा, व्रत के साथ-साथ कुछ उपाय करना चाहिए, इन उपायों से शनिदेव जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। आइए जानते हैं उन उपायों के बारे में....
साढ़ेसाती, ढैय्या का प्रभाव खत्म करने के लिए
काले तिल का दान करें। इससे राहु-केतु और शनि के बुरे प्रभाव समाप्त हो जाते हैं। कालसर्प योग, साढ़ेसाती, ढय्या, पितृ दोष आदि में भी यह उपाय किया जा सकता है।
धन संबंधि परेशानियों का हल पाने के लिए
यदि आप शनि के बुरे प्रभावों के कारण धन संबंधि समस्या से परेशान हैं, तो शनिवार के दिन शनि मंदिर में जाकर सरसों का तेल और काली वस्तुओं का दान करें। इस उपाय को करने से आप शनि का प्रकोपों से मुक्ति पा सकते हैं और इससे आपकी आय के स्त्रोत बनने लगते हैं।
सुख-शांति और समृद्धि के लिए
घर में सुख और शांति बनी रहे इसके लिए शनिवार के दिन आटे में काले तिल और चीनी मिलाकर चींटियों को खिलाएं, परिवार के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम बना रहेगा।
भूत-प्रेत दूर करने के लिए
शनिवार की शाम को हनुमान जी के मंदिर में जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें और काले घोड़े की नाल से बनी लोहे की अंगूठी मध्यमा उंगली में धारण करें। नकारात्मक शक्तियां आपसे दूर रहेंगी। भूत-प्रेत जैसी बाधाएं आपको परेशान नहीं करेंगी।
Updated on:
21 Dec 2018 02:45 pm
Published on:
21 Dec 2018 12:56 pm
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