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इस शारदीय नवरात्रि में करें ये अचूक उपाय, घर में इतना पैसा आयेगा की संभाल नहीं पाओगे

इस शारदीय नवरात्रि में करें ये अचूक उपाय, घर में इतना पैसा आयेगा की संभाल नहीं पाओगे
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भोपाल

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Tanvi Sharma

Sep 23, 2018

navratri

इस शारदीय नवरात्रि में करें ये अचूक उपाय, घर में इतना पैसा आयेगा की संभाल नहीं पाओगे

नवरात्रि के नौ दिनों को देवी की आराधना के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। इन दिनों देवी की आराधना के लिए व उन्हें प्रसन्न करने के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। इस साल शारदीय नवरात्रि 10 अक्टूबर से प्रारंभ हो रही है। धर्म व ग्रंथों के अनुसार माना जाता है की यदि किसी काम को करने के लिए पूरे साल कोई शुभ दिन नहीं मिलता तो नवरात्रि में उन कामों को करने से सफलता मिलती है व उस काम को इन नौ दिनों में किया जा सकता है। इसके अलावा नवरात्रि का तंत्रिको को बहुत इंतजार रहता है क्योंकि नवरात्रियों में तंत्र साधना बहुत शक्तिशाली होती है। तंत्र शास्त्र का भी यह मानना है कि इन नौ दिनों में किए गए टोटके जल्दी ही शुभ फल देने वाले होते हैं। आइए आपको उपायों के बारे में बताते हैं जो आप नवरात्रि में कर सकते हैं...

यदि आपको नौकरी नहीं मिल रही या मिल गई है और बदलना चाहते हैं तो नवरात्र में अष्टमी वाले दिन शुद्ध कपड़े पर बैठकर उपासना करें। नौकरी या रोजगार प्राप्ति के लिए ‘ऊं हृीं वाग्वादिनी भगवती मम कार्य सिद्धि कुरु कुरु फट् स्वाहा’ मंत्र का जप 21 या 31 दिन तक करें। रोजगार प्राप्ति में मदद मिलेगी।

यदि आपका जीवन परेशानियों और अस्थिरता से भरा हुआ है तो नवरात्रि के नौ दिन दुर्गा सप्तशती का एक या अधिक बार पाठ करें। इसके बाद मां भगवती की लौंग और कपूर से आरती करें। दुर्गा सप्तशती का नियमित रूप से पाठ करने से आपकी परेशानियां कम होंगी। यदि आप खुद पाठ नहीं कर सकते तो किसी योग्य ब्राह्मण को दक्षिणा देकर पाठ कराया जा सकता है। ऐसे करने या करवाने से जीवन में खुशहाली आएगी

यदि आपके घर में पारिवारिक समस्याएं ज्यादा हैं तो नवरात्र के अंतिम दिन स्नानादि से निवृत्त होकर ‘सब नर करहिं परस्पर प्रीति। चलहिं स्वधर्म निरत श्रुति नीति’ का उच्चारण करते हुए अग्नि में घी से 108 बार आहुति दें। घी की आहुति देने के बाद ‘सब नर करहिं परस्पर प्रीति। चलहिं स्वधर्म निरत श्रुति नीति’ का घर में प्रतिदिन कम से कम 21 बार जप करें। हो सके तो और परिजन भी जप कर सकते हैं। इससे परिवार का माहौल तेजी से बदलने लगेगा।

अष्टमी या नवमी तिथि को साफ स्थान पर उत्तर की दिशा में मुंह करके बैठे। अपने सामने लाल चावलों की एक ढेरी बनाकर उस पर श्रीयंत्र रखें। श्रीयंत्र के सामने तेल के नौ दीपक जलाकर उपासना करें। पूजा के बाद श्रीयंत्र को पूजा स्थल पर स्थापित कर दें और अन्य सामग्री को बहते हुए जल में छोड़ दें। आपको जल्द ही धनलाभ होगा। इस उपाय को करने से व्यक्ति की दरिद्रता का भी नाश हो जाता है।

अष्टमी तिथि को शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर दूध, दही, घी, शहद और शक्कर चढ़ाकर अच्छे से स्नान कराएं। इसके बाद मंदिर की सफाई करें और महादेव का श्रृंगार पूरे मन से करें। अब भोले का ध्यान करते हुए मंदिर से आ जाए। इसी दिन रात में करीब 10 बजे मंदिर में फिर जाकर अग्नि प्रज्ज्वलित कर ‘ऊं नम: शिवाय’ का जप करते हुए घी की 108 आहुति दें। इसके बाद 40 दिन तक इस मंत्र की पांच माला का जप घर पर ही करें। ऐसे करने से आपकी मनोकामना पूरी होगी।

नवरात्र के पहले दिन पूजा के स्थान पर शिव-पार्वती का चित्र स्थापित करें। प्रतिदिन ‘ऊं शं शंकराय सकल-जन्मार्जित-पाप- विध्वंसनाय, पुरुषार्थ-चतुष्टय-लाभाय च पतिं मे देहि कुरु कुरु स्वाहा।। मंत्र का तीन या पांच माला जप करें। ऐसे करने से आपको मन पसंद जीवन साथी मिलेगा।