
19 अक्टूबर 2018 शुक्रवार को इस मुहूर्त में करें शस्त्रों की पूजा एवं रावन का दहन
विजया दशमी के शस्त्रों की पूजा का भी विशेष महत्त्व होता हैं इस दिन यानी की दशमी तिथि को सूर्योदय से लेकर रात्रि 10 बजे तक शुभ मुहूर्त हैं । दशहरा भारत में मनाया जाने वाला प्रमुख त्यौहार है, जो शारदीय नवरात्रि समाप्त होने के 10 वें दिन दशहरा पर्व 'विजयादशमी' के रूप में मनाया जाता है । बुराई पर अच्छाई की जीत, भगवान श्रीराम की लंकापति रावण पर विजय के उपलक्ष्य में बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है । इस शुभ मुहूर्त में करें अपने शस्त्रों की पूजा एवं रावन, कुंभकरण औऱ मेघनाथ के के प्रतिकात्मक पूतले का दहन ।
दशहरे पूजन का शुभ मुहूर्त : शुक्रवार 19 अक्टूबर 2018
इस मंत्र का उच्चारण करते हुये करे भगवान श्रीराम का पूजन
मंत्र
मंगलार्थ महीपाल नीराजनमिदं हरे ।
संगृहाण जगन्नाथ रामचंद्र नमोस्तु ते ।।
ऊँ परिकरसहिताय श्रीसीतारामचंद्राय कर्पूरारार्तिक्यं समर्पयामि ।
- विजय मुहूर्त का सही समय दोपहर 1 बजकर 13 मिनट से शाम 5 बजकर 45 मिनट तक ।
- यह समय शुभ कार्य हेतु अति उत्तम रहेगा ।
- इस अवधि में किये गये सभी कार्यों में विजय अवश्य मिलेगी ।
- इस शुभ मुहूर्त में अपने अस्त्र-शस्त्रों की पूजा करना उत्तम रहेगा ।
- पहले शस्त्रों के ऊपर ऊपर शुद्ध जल छिड़क कर पवित्र करें, फिर महाकाली स्तोत्र का पाठ कर शस्त्रों पर कुंकुम, हल्दी का तिलक लगाकर पुष्पों की माला आदि से श्रृंगार कर धूप-दीप दिखाकर मावे मिष्ठान का भोग लगाये ।
- इस अवधि में पूजा सर्वोत्तम फलदायी होगा ।
रावण दहन का मुहूर्त
शाम को 5 बजकर 15 मिनट से लेकर रात 9 बजे तक का समय रावन, कुंभकरण एवं मेघनाथ के प्रतिक बनाएं गये पुतले का दहन करने से व्यक्ति, समाज की अनेक बुराईयों का अंत होगा ।
Published on:
19 Oct 2018 12:36 pm
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