सूरत. श्रीश्याम मंदिर, सूरतधाम प्रांगण में बुधवार रात आयोजित श्रीश्याम भजन संध्या में श्रीश्याम भजनों की सरिता बही। इस दौरान सैकड़ों श्यामभक्त रससागर में गोते लगाते रहे। इससे पूर्व श्रीरामकथा में व्यासपीठ से विजयकौशल महाराज ने प्रभु श्रीराम के आदर्श जीवन चरित्र की महिमा श्रद्धालुओं को सुनाई और बताया कि भक्तों से ही भगवान का अस्तित्व है। श्रीश्याम सेवा ट्रस्ट की ओर से श्रीश्याम मंदिर, सूरतधाम प्रांगण में आठ दिवसीय श्रीश्याम आशीर्वाद महोत्सव इन दिनों जारी है। महोत्सव के अन्तर्गत आयोजित श्रीराम कथा में गुरुवार को भगवान श्रीराम के विवाह एवं अहिल्या की कथा श्रद्धालुओं को सुनाई गई। इस दौरान व्यासपीठ से विजयकौशल महाराज ने बताया कि भक्तों पर जब-जब संकट आता है तब-तब वो भगवान को पुकारते हैं। भक्त की करुण पुकार सुनकर भगवान को उनका संकट हरना पड़ता है।