
तुलसी विवाह : ऐसे करें विष्णु प्रिया तुलसी माता की आरती
देव उठनी एकादशी के दिन ही तुलसी माता की पूजी भी की जाती हैं, इस दिन तुलसी जी का विवाह शालिगराम भगवान से किया जाता हैं । कहा जाता हैं जो कोई भी तुलसी पूजा व विवाह करने के बाद इस तुलसी माता की आरती करने से पति पत्नी के संबंधों में प्रेम बढ़ने लगता है, अविवाहितों के विवाह होने के योग बनने लगत हैं । इस साल तुलसी विवाह 19 नवंबर 2018 को हैं, इस पर्व को कुछ श्रद्धालु 20 नवंबर को भी मनाएंगे ।
।। श्री तुलसी जी की आरती ।।
1- जय तुलसी माता, मैया जय तुलसी माता ।
सब जग की सुख दाता, सबकी वर माता ॥
॥ जय तुलसी माता...॥
2- सब योगों से ऊपर, सब रोगों से ऊपर ।
रज से रक्ष करके, सबकी भव त्राता ॥
॥ जय तुलसी माता... ॥
3- बटु पुत्री है श्यामा, सूर बल्ली है ग्राम्या ।
विष्णुप्रिय जो नर तुमको सेवे, सो नर तर जाता ॥
॥ जय तुलसी माता... ॥
4- हरि के शीश विराजत, त्रिभुवन से हो वंदित ।
पतित जनों की तारिणी, तुम हो विख्याता ॥
॥ जय तुलसी माता... ॥
5- लेकर जन्म विजन में, आई दिव्य भवन में ।
मानव लोक तुम्हीं से, सुख-संपति पाता ॥
॥ जय तुलसी माता... ॥
6- हरि को तुम अति प्यारी, श्याम वर्ण सुकुमारी ।
प्रेम अजब है उनका, तुमसे कैसा नाता ॥
हमारी विपद हरो तुम, कृपा करो माता ॥
7- जय तुलसी माता, मैया जय तुलसी माता ।
सब जग की सुख दाता, सबकी वर माता ॥
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तुलसी जी की आरती करने के बाद नीचे दी गई स्तुति अवश्य करें.. भव बंधनों से भी छुटकारा मिल जाता है ।
1- तुलसी महारानी नमो-नमो,
हरि की पटरानी नमो-नमो ।
2- धन तुलसी पूरण तप कीनो,
शालिग्राम बनी पटरानी ।
जाके पत्र मंजरी कोमल,
श्रीपति कमल चरण लपटानी ॥
3- धूप-दीप-नवैद्य आरती,
पुष्पन की वर्षा बरसानी ।
छप्पन भोग छत्तीसों व्यंजन,
बिन तुलसी हरि एक ना मानी ॥
5- सभी सखी मैया तेरो यश गावें,
भक्तिदान दीजै महारानी ।
नमो-नमो तुलसी महारानी,
तुलसी महारानी नमो-नमो ॥
6- तुलसी महारानी नमो-नमो,
हरि की पटरानी नमो-नमो ।
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Published on:
17 Nov 2018, 3:47 PM IST
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