
Vaishakh Amavasya 2025 Date: वैशाख अमावस्या डेट और मंत्र
Vaishakh Amavasya 2025: वैशाख अमावस्या बेहद खास है, इस दिन 3 शुभ योग बन रहे हैं। इसका भक्तों को बेहद शुभफल मिलने वाला है। यह दिन पितरों की शांति, पितृ दोष निवारण, सुख-समृद्धि और मोक्ष प्राप्ति के लिए बेहद लाभदायक है। इस दिन भगवान विष्णु और पितृ देव की पूजा का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन कुछ विशेष मंत्रों का जाप और तर्पण का आपको विशेष फल मिल सकता है। शारीरिक रोग से छुटकारा मिलता है। आइये पहले जानते हैं कब है वैशाख अमावस्या
वैशाख अमावस्या तिथि प्रारंभः रविवार, 27 अप्रैल सुबह 04:49 बजे
वैशाख अमावस्या तिथि समापनाः 28 अप्रैल सुबह 01:00 बजे (यानी 27 अप्रैल रात 1 बजे)
वैशाख अमावस्या तिथिः 27 अप्रैल
इस दिन प्रीति योगः 27 अप्रैल रात 12.19 बजे तक यानी 28 अप्रैल की सुबह (00.19 बजे तक), कुछ कैलेंडर में इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, सौभाग्य योग, शोभन योग बनना भी बताया है।
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार वैशाख अमावस्या भगवान विष्णु, लक्ष्मीजी, चंद्रमा और सूर्य की पूजा का विधान है। मान्यता है कि इस दिन विशेष मंत्रों के जाप से रोगों से छुटकारा मिलता है और धन समृद्धि मिलती है। आइये जानते हैं वैशाख अमावस्या के मंत्र
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार वैशाख अमावस्या पर ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर मंत्र का 108 बार जाप करने से शांति मिलती है। इस मंत्र का जाप सांसारिक सुखों और समृद्धि को दिलाने वाला भी है। इस मंत्र का उच्चारण जीवन में सुख, धन और संतोष प्रदान करता है।
ज्योतिषी डॉ. अनीष व्यास के अनुसार वैशाख अमावस्या पर भगवान विष्णु का विष्णु गायत्री मंत्र ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि, तन्नो विष्णु प्रचोदयात् मंत्र का रुद्राक्ष की माला से 108 बार जाप शुभ माना जाता है। यह मंत्र भक्तों पॉजीटिविटी और स्प्रीचुअलिटी लाता है।
ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय भगवान विष्णु का मूल मंत्र है। मान्यता है कि वैशाख अमावस्या पर इन मंत्रों का जाप जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाता है।
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सर्व सिद्धि मंत्र स्वरूपिणी धन्वन्तराय नमः मंत्र का वैशाख अमावस्या पर जाप स्वास्थ्य, आरोग्य और शांति प्रदान कर सकता है।
ॐ सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो, धन-धान्यः सुतान्वितः, मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः मंत्र का वैशाख अमावस्या पर जाप बाधाओं से मुक्ति और संतान सुख के लिए सहायक हो सकता है।
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद, ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः मंत्र मां लक्ष्मी से धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
ॐ पितृ देवतायै नमः मंत्र पितरों की आत्मा की शांति और पितृ दोष निवारण के लिए शुभ माना जाता है। वैशाख अमावस्या पर इसका जाप पितृ शांति में सहायक हो सकता है।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार सुख शांति के लिए पितरों का आशीर्वाद जरूरी है, वैशाख अमावस्या पर ॐ पितृ गणाय विद्महे जगत धारिणी धीमहि तन्नो पितृो प्रचोदयात् मंत्र का जाप पूर्वजों को प्रसन्न कर सकता है।
Updated on:
22 Apr 2025 02:08 pm
Published on:
21 Apr 2025 05:32 pm
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