
फोटो- पत्रिका
धौलपुर शहर से सटी ग्राम पंचायत मौरोली के गांव बड़ा पुरा, बल्लापुरा, देवपुरा समेत अन्य गांवों में चंबल की अवैध बजरी पर पुलिस की हुई स्ट्राइक से बजरी माफिया में हड़कंप है। अवैध बजरी को नष्ट कराने के लिए पुलिस को जिलेभर से करीब 25 जेसीबी मशीनें मंगानी पड़ी और रेता को मिट्टी में मिलाने के लिए करीब 1200 लीटर डीजल जेसीबी मशीनों ने फूंक डाला। जबकि पुलिस थाने के साथ वन, खनिज और राजस्व विभाग के वाहन, जाब्ता और कार्मिक अलग थे।
उधर, अवैध बजरी भंडारण मामले में कोतवाली पुलिस में अलग-अलग पांच एफआइआर दर्ज हुई है। इसमें कुछ में खातेदारों की भूमि पर मिली अवैध बजरी मामले में नामजद मुकदमे दर्ज किए हैं। विशेष बात ये है कि बजरी माफिया के खिलाफ हुई बड़ी कार्रवाई से पहले पुलिस ने लगातार तीन दिन इलाके में अवैध बजरी भंडारण की सही लोकेशन को तलाश किया। इसमें गूगल मैप की भी मदद ली जिससे टीम भटक नहीं जाए। माफिया ने जहां जहां अवैध बजरी भंडारण कर रखा था, पुलिस उसकी रैकी के समय गूगल मैप लोकेशन लेकर कार्रवाई से कुछ घंटे पहले टीम लीडर को दी, जिसके बाद टीम ने बिना समय गवाए सीधे मौके पर छापा मारा।
उक्त कार्रवाई में कोई विरोध सामने नहीं आया। माफिया के खिलाफ कार्रवाई से पहले तीन लगातार पेपरवर्क हुआ। उक्त स्थानों पर पुलिस अधिकारियों ने मौके पर जाकर फौरी तौर पर जायजा लिया। खास बात ये रही कि स्थानीय लोगों को पुलिस के आने-जाने की खबर तो थी लेकिन होने क्या वाला है, ये पता नहीं चल पाया। पुलिस टीम ने जिन गांवों में किस स्थान पर अवैध बजरी भंडारण हो रहा है, उसकी गूगल मैप से लोकेशन ली। उक्त लोकेशन के आधार पर ही टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
बजारी का भंडारण अधिक होने से उसे मौके पर ही नष्ट करने की रणनीति बनाई गई। जिस पर जिले के सरमथुरा, बाड़ी, दिहौली, राजाखेड़ा, मनियां और धौलपुर से करीब 25 जेसीबी मशीनें एकत्र की गई। बाहर से जेसीबी मशीनों को संबंधित थाना पुलिस रात में लेकर रिजर्व पुलिस लाइन पहुंची थी। होना क्या था इसको लेकर चालक और जाब्ते को भी नहीं पता चला। लाइन से सभी जेसीबी प्रत्येक टीम के साथ निकली और मौरोली मोड पर एसपी सुमित मेहरड़ा ने ब्रीफ किया और फिर अवैध बजरी पर स्ट्राइक हो गई।
उधर, विद्युत निगम ने कार्रवाई के दौरान बिजली चोरी मामले में अवैध डीपी जब्त की है। निगम अब इन डीपी की जांच करेगा। पुलिस भी पता लगा रही है कि अवैध डीपी कहां से पहुंच रही हैं। कार्रवाई में दो दर्जन से अधिक डीपी जब्त की गई हैं। कार्रवाई के बाद ग्रामीण गांव पहुंचे तो कुछ बोले कि यह नहीं पता था कि डीपी भी ले जाएंगे।
कार्रवाई के दौरान पुलिस महकमे के अलावा आरएसी, पुलिस लाइन से जाब्ता, डीएसटी टीम, खनिज, वन विभाग और राजस्व विभाग के गिरदावर और पटवारियों को शामिल किया गया। साथ में विद्युत निगम की टीम भी रही। करीब 250 से 300 कर्मियों की कार्रवाई के लिए 20 टीमें बनाई गई थी। इन टीमों को पहले अलग-अलग लोकेशन पर कार्रवाई करने के निर्देश देकर भेजा। सभी टीमें पुलिस लाइन से रवाना हुई थी।
अवैध बजरी स्टॉरेज मामले में अभी पांच अलग एफआइआर हो चुकी है। इसमें कुछ नामजद किए है, जिनकी खातेदारी की जमीन पर बजरी स्टॉक मिला। वन विभाग की ओर से भी एफआइआर दर्ज कराएगी जाएगी।
-हरिनारायण मीणा, कोतवाली प्रभारी धौलपुर
अवैध बजरी भंडारण को लेकर दो-तीन लगातार रणनीति बनाई थी। साथ ही टीमों को अलग-अलग टास्क दिया गया। आगे भी अवैध बजरी भंडारण के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-सुमित मेहरड़ा, जिला पुलिस अधीक्षक धौलपुर
Updated on:
29 Jun 2025 10:19 am
Published on:
29 Jun 2025 10:19 am
