19 मई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Dholpur: हॉकी खेल को बढ़ावा देने मिला था 87 लाख का बजट, टेंडर और वर्क ऑर्डर प्रक्रिया में देरी से नहीं हो पाई खरीद

धौलपुर. सरकार की ‘पंच गौरव’ योजना अंतर्गत जिले के लोकप्रिय खेल हॉकी को शामिल किया था। सरकार की ओर से स्पोट्र्स गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इस साल करीब 85 लाख रुपए से अधिक का बजट आवंटित हुआ था। इसमें अलग-अलग मद में राशि खर्च होनी थी।

3 min read
Google source verification
Dholpur news

Dholpur news

धौलपुर. सरकार की ‘पंच गौरव’ योजना अंतर्गत जिले के लोकप्रिय खेल हॉकी को शामिल किया था। सरकार की ओर से स्पोट्र्स गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इस साल करीब 85 लाख रुपए से अधिक का बजट आवंटित हुआ था। इसमें अलग-अलग मद में राशि खर्च होनी थी। करीब 50 लाख रुपए हॉकी के सामान और संसाधनों पर जिलेभर में खर्च होनी थी लेकिन तय समय पर टेंडर और वर्क ऑर्डर प्रक्रिया नहीं होने से मार्च क्लोजिंग के चलते बजट लैप्स हो गया।

हालांकि इसी बजट में से करीब 10 लाख रुपए जिम उपकरण पर सामान खरीद पर खर्च हुए हैं। यह उपकरण सर्किट हाउस स्थित बने नवीन ऑफिसर्स क्लब में लगे हैं। कुछ दिन पहले जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने इसका शुभारंभ कर चुके हैं। जबकि करीब डेढ़ लाख रुपए की राशि जिला खेल विभाग में कम्प्यूटर और अन्य सामान खरीद पर खर्च हुआ है। खास बात ये है कि जिस खेल के लिए बजट आया था, उसके लिए ही कुछ नहीं हो पाया। जिससे खिलाड़ी से लेकर धौलपुर राजस्थान हॉकी के पदाधिकारी निराश है। उनका कहना है कि लम्बे अर्से बाद हॉकी के दिन फिरने वाले थे लेकिन सरकारी प्रक्रिया ने उसे खड़ा होने से पहले दम तोड़ दिया। हालंकि, अधिकारियों का कहना है कि सरकार को कारण बताते हुए बजट वापस मांगने के लिए पत्राचार जाएगा। लेकिन बजट अब कब आएगा, यह कोई नहीं बता सकता।

हर वो सामान आना था जो आवश्यक

हॉकी के लिए बड़ी फील्ड में गोल पोस्ट लगाने, सीसीटीवी कैमरे, बड़ी संख्या में हॉकी, गल्ब्स, रैफरी कार्ड, टी-शर्ट, हेलमेट, किट समेत अन्य सामान शामिल था। साथ ही जिला मुख्यालय के साथ साथ ब्लॉक स्तर पर भी देना था। यानी राजाखेड़ा, बाड़ी, बसेड़ी, सैंपऊ, सरमथुरा में खिलाडिय़ों को मिलना था। लेकिन वर्क ऑर्डर नहीं होने से करीब 50 लाख रुपए के सामान की खरीद नहीं हो पाई। पंच गौरव का बजट प्रशासन के पास आया था, इसलिए खर्च प्रक्रिया उनके स्तर पर होनी थी।

फील्ड में खेलो...जिम करने ऑफिसर्स क्लब जाओ...

बजट के तहत करीब 10 लाख रुपए विभिन्न जिम उपकरण भी मंगाए गए जो बड़ी फील्ड में जगह अभाव बताते हुए नवीन ऑफिसर्स क्लब में इस्टॉलमेंट हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि हॉकी के जो भी प्लेयर हैं वह यहां जिम कर सकेंगे। लेकिन सवाल ये है कि बड़ी फील्ड में हॉकी खेलने आने वाले खिलाड़ी जिम करने करीब दो किलोमीटर दूर सर्किट हाउस स्थित क्लब जाएंगे।

2 खिलाड़ी पहुंचे थे इंडिया कैम्प में...

धौलपुर में हॉकी का शुरू से ही दबदबा रहा है लेकिन बाद में संसाधनों की कमी के चलते मैदान पर हॉकी कुछ कम होने लगी लेकिन खिलाडिय़ों और हॉकी से पुराने धुंनदारों का टीम को आगे बढ़ाने का जज्बा कम नहीं हुआ। वर्तमान में हॉकी के करीब 40 से 50 प्लेटर हैं जो इसमें अपना दमखम लगा रहे हैं। सचिव रनवीर बताते हैं कि इसमं जूनियर, सब जूनियर और सीनियर खिलाड़ी हैं। हॉकी प्रशिक्षण के लिए दो कोच भी संस्था के जरिए लगे हुए हैं। बताया कि धौलपुर के दो प्लेयर मानवेन्द्र सिंह और अंशुल इंडिया हॉकी कैम्प में अपनी भागीदारी निभा चुके है। इसके अलावा करीब 15 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर खेल चुके हैं। जबकि अंडर 14 में धौलपुर चैम्पियन रहा है।

ध्यानचंद की हीरोज क्लब को दी थी पटखनी

बड़ी फील्ड पर काफी सालों तक केवल हॉकी का ही कब्जा रहा था। यहां बड़ी में बड़ी संख्या में खिलाड़ी प्रशिक्षण के लिए पहुंचते थे। धौलपुर में उस समय सेठ प्रताप मेमौरियल हाकी टूर्नामेंट का आयोजन होता था, जो देश में उस समय 8वे नम्बर की बड़ी प्रतियोगिताओं में शुमार थी। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ध्यानचंद जैसे जाने-जाने प्लेयर धौलपुर में तीन दिन रुके थे। यहां पर उनकी झांसी टीम हीरोज को धौलपुर ने मैदान पर पटखनी देकर अपना लोहा मनवाया था। बड़ी फील्ड के मैदान पर देशभर के कई खिलाड़ी अपना जौहर दिखा चुके हैं।

- करीब तीन माह पहले जिला कोषाधिकारी के साथ बैठक हुई थी। जिसमें हॉकी के आवश्यक सामान और संसाधन की सूची दी थी। जिसमें जिम उपकरण सरकारी क्लब में लगाने की बात कही। सब कुछ तय हो गया था लेकिन जो सामान खिलाडिय़ों के लिए आना था वह नहीं आ पाया। अब बताया जा रहा है कि समय सीमा खत्म होने से पैसा बजट लैप्स हो गया। काफी संघर्ष के बाद स्पोटïर््स के लिए बजट आया था कि उसका कोई फायदा नहीं मिलना यह खेल को नुकसान पहुंचाने जैसा है।

- रनवीर परमार, सचिव, हॉकी राजस्थान

- हॉकी खेल पंच गौरव में शामिल है। उसके अलग-अलग मद में करीब 80 लाख से अधिक बजट था। खेल विभाग से स्पोट्र्स की आवश्यक सामान को लेकर बैठक हुई थी। इसी बजट में से ब्लॉक स्तर पर भी सामान देना था। सामान खरीद की प्रक्रिया चल रही थी लेकिन मार्च में तय समय कम होने से वर्क ऑर्डर नहीं हो पाया था। नियमों को लेकर जिला प्रशासन को अवगत करा दिया था। इसको लेकर मुख्यालय से पुन: पत्राचार किया जाएगा। जिससे बजट मिल सके।

- सतीश बैंसला, जिला कोषाधिकारी